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बादलों के कोप से उफनाई मंदाकिनी, कई इलाके जलमग्, न छोटी नदियां भी उफान पर

Akansha Singh

Publish: Oct 03, 2019 12:11 PM | Updated: Oct 03, 2019 12:11 PM

Chitrakoot

इसे इंद्र देव की मेहरबानी कहें या बादलों का कोप कि सूखे से जूझ रहे बुन्देलखण्ड में इस सीजन की सबसे अधिक बारिश हो रही है।

चित्रकूट. इसे इंद्र देव की मेहरबानी कहें या बादलों का कोप कि सूखे से जूझ रहे बुन्देलखण्ड में इस सीजन की सबसे अधिक बारिश हो रही है। भगवान राम की तपोभूमि तो जलमग्न है। मई जून के महीने में अपने अस्तित्व को तलाशती पवित्र मंदाकिनी नदी जबरदस्त उफान पर है तो वहीं कई इलाकों की छोटी नदियां भी उफनाई हुई हैं। पाठा की प्यासी सूखी कही जाने वाली धरती भी इलाके की बरदहा नदी की आगोश में है।

लगातार हो रही बारिश

मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश आज गुरुवार को भी समाचार लिखे जाने तक थमने का नाम नहीं ले रही। आम जनजीवन बिल्कुल अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीण इलाकों में तो खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लोगों को। खास कर कच्चे घरों में रहने वाले ग्रामीण अपने घरौंदों को लेकर खासी चिंता में हैं और डरे हुए भी कि कहीं अत्यधिक बरसात की वजह से उनका घर न गिर जाए। बहिलपुरवा थाना क्षेत्र में कई कच्चे घरों के गिरने की खबर है।

खतरे के निशान से ऊपर बह रही मंदाकिनी

लगातार बारिश व पहाड़ों से आ रहे पानी की वजह से पवित्र मंदाकिनी नदी का जलस्तर एकदम से बढ़ गया है। खतरे के निर्धारित स्थान 126।5 मीटर से ऊपर 130 मीटर पर मंदाकिनी का उफान है। परिणामतः रामघाट सहित आस पास के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के आस पास पुलिस व पीएसी को तैनात किया गया है जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी न होने पाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद मुहैया कराई जा सके। एसडीएम सदर अश्वनी कुमार ने बताया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उनके खाने पीने की व्यवस्था भी की जा रही है।