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दस्यु बबुली कोल की मौत के बाद सात लाख के लिए आमने-सामने आ गई यूपी-एमपी पुलिस, जानें पूरा मामला

Hariom Dwivedi

Publish: Sep 16, 2019 12:40 PM | Updated: Sep 16, 2019 12:59 PM

Chitrakoot

- उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश के बीहड़ों में आंतक का पर्याय बना दस्यु सरगना बबुली कोल और उसका साथी मारा गया
- सोमवार सुबह यूपी से सटे मध्य प्रदेश के सतना जनपद के धारकुंडी थाना क्षेत्र के जंगल में बबुली कोल व साथी लवलेश कोल का शव पाया गया

चित्रकूट. यूपी-एमपी के बीहड़ों में आतंक का पर्याय बन चुका कुख्यात डकैत बबुली कोल मारा गया। सोमवार सुबह यूपी से सटे मध्य प्रदेश के सतना जनपद के धारकुंडी थाना क्षेत्र के जंगल में बबुली कोल व उसके साले लवलेश कोल का शव पाया गया। मध्यप्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी। बबुली पर साढ़े छह लाख और उसके साले लवलेश पर डेढ़ लाख रुपए का ईनाम था। रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर ने बबुली और लवलेश के मारे जाने की पुष्टि की। बीते दिनों बबुली कोल गैंग ने मध्य प्रदेश के हरसेड़ गांव से अवधेश नाम के किसान का अपहरण करते हुए 50 लाख की फिरौती की रकम मांगी थी। इसके बाद से पुलिस इनके पीछे पड़ी थी। दोनों खूंखार डकैतों के खात्मे से बीहड़ में सन्नाटा छाया हुआ है, लेकिन इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन, बबुली कोल की मौत को लेकर यूपी-एमपी पुलिस अगल-अलग राग अलाप रहे हैं।

दस्यु सरगना की मौत के बाद ईनाम की रकम को लेकर यूपी-एमपी पुलिस आमने-सामने आ गई है। यूपी पुलिस के सूत्रों का कहना है कि दस्यु सरगना की मौत गैंगवार में गोली लगने से हुई, जबकि मध्य प्रदेश पुलिस उसे एनकाउंटर में ढेर करने का दावा कर रही है। यूपी पुलिस ने बबुली पर साढ़े 6 लाख और उसके साले लवलेश पर एक लाख का ईनाम रखा था, जबकि लवलेश पर 50 हजार रुपए का ईनाम मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से रखा गया था। सूत्रों का कहना है कि अब ईनाम की राशि को को लेकर यूपी-एमपी पुलिस अलग-अलग राग अलाप रही हैं।

फिरौती की रकम के बंटवारे को लेकर हुई गैंगवार
कुख्यात बबुली की मौत को लेकर गैंगवार व एनकाउंटर की अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही है। रविवार की शाम बीहड़ों से ये खबर आ रही थी कि बबुली कोल की गैंगवार में गोली लगने से मौत हो गई है। गैंगवार फिरौती की रकम के बंटवारे को लेकर हुई, जिसमें गैंग के हार्डकोर सदस्य लाली कोल द्वारा बबुली व लवलेश को गोली मारी गई। गैंगवार यूपी की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के सतना जनपद के धारकुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत लेदरी जंगल में हुई। सूचना के बाद एमपी पुलिस ने जंगल की घेरेबंदी करते हुए बबुली की तलाश शुरू की। सोमवार सुबह डकैत बबुली कोल व लवलेश कोल का शव जंगल में पाया गया। एमपी पुलिस का कहना है कि बीती रात गैंग से हुई मुठभेड़ में दस्यु सरगना को ढेर किया गया है। पुलिस की ओर से लगभग 35 राउंड फायरिंग हुई और डकैतों की तरफ से करीब 15 राउंड। इसके इतर पूरी घटना की तस्वीरों में कई परतें हैं, जिनका खुलासा खुद पुलिस को करना है।

खूंखार डकैतों का शागिर्द रहा फिर बन गया सरगना
ददुआ, ठोकिया, रागिया, बलखड़िया जैसे बीहड़ के खूंखार डकैतों का शागिर्द रहा बबुली कोल खौफ के इन सौदागरों के खात्मे के बाद खुद दस्यु सरगना बन गया। बीहड़ में कायम किए गए अपने आकाओं की दहशत के साम्राज्य को आगे बढ़ाते हुए बबुली ने हत्या-लूट व अपहरण जैसी कई जघन्य वारदातों को अंजाम दिया। उसका खौफ यूपी-एमपी के बीहड़ों में सिर चढ़कर बोलता था। बबुली कोल की कई बार यूपी पुलिस से मुठभेड़ हुी, लेकिन हर बार वह बच निकला।

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