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मौसम बदलने से बढ़ी किसानों की चिंता

Sunil Lakhera

Publish: Oct 21, 2019 16:59 PM | Updated: Oct 21, 2019 16:59 PM

Chhindwara

बारिश की मार से मक्का की फसल बर्बाद

अमरवाड़ा. मानूसन की बिदाई के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। दो दिनों से आसमान पर छाने वाले काले बादलों के साथ बूंदाबंादी ने लोगों को चौंका दिया है।
मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि एक चक्रवात पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना हुआ है जिसके चलते हवा का रूख बदला है और हवा के रूख के बदलते ही बादलों की आवाजाही भी बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक नवंबर के पहले सप्ताह से मौसम में ठण्डक बढ़ेगी। उत्तरी हवा का रुख जब दक्षिणी होगा तब तापमान में गिरावट होगी। इससे पहले कश्मीर और हिमाचल में हुई बर्फबारी का असर लगने लगा है। तापमान में ठंडक बढ़ गई है। शनिवार को शाम के वक्त सर्दी का अहसास जमकर हो रहा था। जब बारिश ज्यादा होती है तो ठड्डड भी ज्यादा पड़ती है। यह मौसम के रुख पर निर्भर करता है। यदि दिसंबर और जनवरी में यदि उत्तरी हवा का असर अधिक रहा तो ठण्ड भी अधिक महसूस होगी। पिछले कई सालों की तुलना में इस बार गर्मी भी अधिक पड़ी थी। इसके पीछे शहर में हरियाली का धीरे-धीरे कम होना है। ग्लोबल वार्मिंग भी इसके लिए जिम्मेदार है। शनिवार और रविवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो रही है।
जुन्नारदेव विकासखंड में मक्का की फसल अतिवृष्टि के चलते आधे से अधिक खराब हो चुकी है किसानों का कहना है कि उनके मक्के में दाने ही नहीं पड़े है वहीं कुछ किसानों के खेतों पर मक्का में कम दाने आने की बात कहीं है। इस पर बीते दो दिनों से हो रही बारिश के कारण खेतों में सूखी खड़ी बची फसल पर भी एक बार बारिश का कहर टूटा है। गौरतलब हो कि समूचे विकासखंड में सामान्य से अधिक बारिष होने के चलते किसानों के चेहरे पर वैसे ही चिंता की लकीरे देखी जा रही थी। जब बारिश रुकी तो किसानों ने कुछ हद तक राहत महसूस की थी कि बची हुई फसल अब उनके नुकसान को कुछ कम कर देगी उस पर बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने अब किसानों की चिंता बढ़ा दी है और किसान भगवान से एक बार फिर बारिष बंद होने की मिन्नते करते नजर आ रहा है।