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तीन लाख मच्छरदानियां भी नहीं रोक पाईं मच्छर का डंक

Prabha Shankar Giri

Publish: Aug 20, 2019 12:16 PM | Updated: Aug 20, 2019 12:22 PM

Chhindwara

विश्व मच्छर दिवस पर विशेष

छिंदवाड़ा. मच्छर तथा मच्छर जनित रोगों से सुरक्षा के लिए जिले में 2 लाख 95 से अधिक मेडिकेटेड मच्छरदानी का निशुल्क वितरण हाईरिस्क विकासखंडों में किया गया। इसके बावजूद जिले के जुन्नारदेव, तामिया, हर्रई ब्लॉकों से मलेरिया पॉजिटिव रोगी सामने आ रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी देवेंद्र भालेकर ने बताया कि लोग अपने घरों के आसपास सफाई नहीं रखते तथा मच्छरदानी का भी प्रयोग नहीं करते हैं। इसी वजह से कुछ क्षेत्रों में मलेरिया के रोगी सामने आते हंै। उन्होंने बताया कि डॉ. रोनाल्ड रॉस ने वर्ष 1896 में मलेरिया रोग के कारक मादा एनॉफिलीज मच्छर को खोजा था। इसके बाद से पूरे विश्व में उनकी याद में 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। डीएमओ भालेकर ने बताया कि छोटा सा दिखने वाला यह मच्छर बहुत ही घातक होता है तथा इसके काटने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।

बारिश का मौसम अनुकूल
बताया जाता है कि मच्छरों के लिए जुलाई-अगस्त का मौसम अनुकूल होता है। इस मौसम में बारिश का पानी जगह-जगह एकत्रित हो जाता है जो कि इनके प्रजनन के लिए बेहद अनुकूल है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मच्छरों के काटने से हर वर्ष करीब दस लाख लोगों की मौत हो जाती है।
निशुल्क बांटी गई मच्छरदानी की स्थिति
ब्लॉक वितरित मच्छरदानी
1. पिंडरईकलां 46970
2. मोहखेड़ 25450
3. परासिया 33100
4. अमरवाड़ा 22300
5. जुन्नारदेव 75780
6. तामिया 34700
7. हर्रई 13700
8. बिछुआ 17250
9. चौरई 21950
10.सौंसर 3950