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तीन माह से इस विश्वविद्यालय की रूकी हुई है प्रक्रिया, 120 कॉलेज होंगे संबद्ध

Ashish Kumar Mishra

Publish: Aug 20, 2019 11:35 AM | Updated: Aug 20, 2019 11:35 AM

Chhindwara

शासन ने लगभग तीन माह बाद भी छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए कुलपति की नियुक्ति नहीं की है।


छिंदवाड़ा. शासन ने लगभग तीन माह बाद भी छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए कुलपति की नियुक्ति नहीं की है। ऐसे में लीगल प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार कुलपति के नियुक्ति के बाद ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी। जिसमें यह जानकारी दी जाएगी कि छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल और बालाघाट जिले के शासकीय एवं अशासकीय कॉलेज अब छिंदवाड़ा विवि के अधीन संचालित होंगे। इसके अलावा कुलपति द्वारा ही भोपाल में आयोजित होने वाली विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक में अधिनियम और परिनियम को प्रस्तुत किया जाएगा। समिति द्वारा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए बनाए गए अधिनियम एवं परिनियम पर मुहर लगाने के बाद क्रियान्वयन किया जाएगा। बताया जाता है कि कुलसचिव के मार्गदर्शन में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए जरूरी लगभग हर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब बस इंतजार है तो कुलपति की नियुक्ति का। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के अधीन छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल एवं बालाघाट के 120 शासकीय एवं अशासकीय कॉलेज होंगे।


तीन माह पहले कैबिनेट में प्रस्ताव पर लगी थी मुहर
लगभग तीन माह पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव पर मुहर लगाए जाने के बाद बीते 18 जून को मध्यप्रदेश राजपत्र में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का प्रकाशन किया गया था। इसके पश्चात 22 जून को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वरदमूर्ति मिश्रा को छिंदवाड़ा विवि का कुलसचिव का अतिरिक्त पद्भार दिया गया। छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए सारना में प्रशासन द्वारा 120 एकड़ जमीन भी आवंटित की गई। वहीं पीजी कॉलेज में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए ऑफिस भी बनाया गया है जो जल्द ही पीजी कॉलेज के नए लाइब्रेरी भवन में स्थानांतरित हो जाएगी। वहीं बीते 24 जुलाई को उच्च शिक्षा विभाग ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था बनाने के लिए तीन प्राध्यापक एवं दो क्लर्क की नियुक्ति भी की है।

समय पर प्रक्रिया पूरा करना चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान सत्र में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए चार जिलों के कॉलेजों की संबधता, फीस निर्धारण के साथ ही नियम, परिनियम बनने हैं। अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। इस दौरान ही सभी कार्य पूर्ण करने होंगे। तभी विवि का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा।


नवप्रवेशित विद्यार्थियों को ही मिलेगा फायदा
सत्र 2019-20 से छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का संचालन शुरु हो जाने के बाद इसका फायदा नवप्रवेशित विद्यार्थियों को ही मिलेगा। यानि स्नातक प्रथम वर्ष एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी को ही छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय से पंजीकृत रहेंगे। वहीं स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से ही जुड़े रहेंगे।

विवि ने पत्र जारी कर कॉलेजों से मांगी है जानकारी
बीते दिनों छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों को पत्र भेजकर टीचिंग एवं नॉन टीचिंग स्टाफ, कॉलेज में संचालित होने वाले पाठ्यक्रम, शुल्क का विवरण एवं मान्यता संबंधी जानकारी मांगी है।

रानी दुर्गावती विवि संबद्धता शुल्क करेगा वापस
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में चारों जिलों के कॉलेजों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2019-20 के लिए कॉलेजों से लिए गए संबद्धता शुल्क को भी छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय को वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद छिंदवाड़ा विवि द्वारा आगे की सारी प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।

चल रही है प्रक्रिया
छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए प्रक्रिया चल रही है। सत्र 2019-20 से ही चारों जिलों के कॉलेजों को संबद्ध कर लिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के पत्र का भी इंतजार है।
वरदमूर्ति मिश्रा, कुलसचिव, छिंदवाड़ा विवि