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नारायणघाट और जामघाट परियोजना से समाप्त हो जाएंगे आदिवासी गांव

SACHIN NARNAWRE

Publish: Dec 11, 2019 16:49 PM | Updated: Dec 11, 2019 16:49 PM

Chhindwara

आदिवासी अंचल के नारायणघाट और जामघाट परियोजनाओं को लेकर भारतीय गोंडवाना पार्टी ने एक दिवसीय आंदोलन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

पांढुर्ना/तिगांव. आदिवासी अंचल के नारायणघाट और जामघाट परियोजनाओं को लेकर भारतीय गोंडवाना पार्टी ने एक दिवसीय आंदोलन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में आदिवासियों की सुरक्षा को लेकर उनकी समस्याएं समाप्त करने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार आदिवासियों के गांवों को खत्म कर वहां पर बड़े-बड़े डैम बनाना चाहती है। जिससे लगभग 50 से 60 गांवों प्रभावित होंगे। आदिवासियों की समस्याएं समाप्त करने के लिए नारायणघाट और जामघाट परियोजना जिसे कन्हान नदी पर बनाई जा रही है । जलाशय निर्माण पर रोक लगाकर प्रभावित किसान, आदिवासी समाज की महापंचायत बुलाकर विचार किया जाएं। जलाशय निर्माण की स्वीकृति के पहले प्रभावित रहवासियों के लिए पक्के मकान निर्माण किए जाएं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र के अनुसार किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ किया जाएं, विधवा, परित्यागता , वृद्धा पेंशन, एक हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता, बिजली बिल माफ किया जाए, अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को उनके फसल हानि का मुआवजा दिया जाएं।
क्षेत्र में चल रहे अवैध सट्टा, जुआं, देशी, विदेशी शराब कि बिक्री, मदिरा दुकान को गांव के बाहर संचालित किया जाए, शहर के आदिवासी समाज के सुविधा के लिए नगरीय क्षेत्र में नजूल भूमि आदिवासी भवन निर्माण कर दी जाएं।
ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय गोंडवाना पार्टी मनमोहन शाह बट्टी, महेश धुर्वे, जितेन्द्र उईके, श्यामराव देशमुख, मनेश परतेती, लक्ष्मण धुर्वे, भादु, चांगोबा कुमरे आदि उपस्थित थे।

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