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स्थानीय नेताओं की वजह से नहीं मिल रहा भूमिहीनों को योजना का लाभ

Sanjay Kumar Dandale

Publish: Sep 16, 2019 20:00 PM | Updated: Sep 16, 2019 18:27 PM

Chhindwara

क्षेत्र में ऐसे कई लोग है इस क्षेत्र में जिनको यहांसे भूमि का पट्टा नहीं मिलने के कारण अन्य क्षेत्र में पलायन कर रहे हैं।

छिंदवाड़ा/परासिया/ वेकोलि द्वारा पट्टा वितरण पर हाईकोर्ट से स्थगन लेने पर कोयलांचल की राजनीति गरमाई हुई है। रविवार को विधायक सोहन वाल्मीक ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के सकारात्मक सोच से पेंच क्षेत्र में वेकोलि की भूमि जो कई वर्षों से खाली पड़ी हुई है जिसमें हजारों नागरिक इस भूमि में कई वर्षों से स्थाई रूप से निवासरत है। लेकिन निवासरत लोगों को भूमि का मालिकाना हक पट्टा नहीं मिलने से शासन की किसी भी योजना का लाभ भूमिहीन लोगों को नहीं प्राप्त हो रहा है। उस भूमि में स्थाई रूप से निर्माण भी नहीं कर पा रहा है।
क्षेत्र में ऐसे कई लोग है इस क्षेत्र में जिनको यहांसे भूमि का पट्टा नहीं मिलने के कारण अन्य क्षेत्र में पलायन कर रहे हैं। जो क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या का विषय है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के उपरांत मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा क्षेत्र के डब्लूसीएल के कई खसरे की जांच करवा कर यह पाया गया कि खसरों में कैफियत में डब्ल्यूसीएल लिखा हुआ है। वही खसरे के १२ कालम होते है। जिसमें तीसरे कालम में मप्र शासन आबादी का उल्लेख है और ऐसे स्थानों में निवास करने वालों को पट्टा जाने का प्रावधान मप्र सरकार द्वारा किया जा रहा था। परन्तु भाजपा के स्थानीय नेताओं के द्वारा इसमें अड़ंगेबाजी कर वेकोलि के ऊपर दबाव बनाकर सीएमडी के माध्यम से हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका दायर कर रोक लगवा दी है।
यह आरोप रविवार को विधायक सोहन वाल्मीक ने पत्रकार वार्ता में लगाया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की चारों नगरीय निकाय परासिया चांदामेटा, न्यूटन, बडक़ुही के लगभग ३ हजार व्यक्तियों को पट़्टा दिया जाना था वे सभी वंचित रह गए हैं। विधायक ने कहा कि भाजपा के अड़ंगेबाजी को लेकर और प्रबंधन की स्थगन की कार्रवाई के विरोध में भविष्य में जीएम ऑफिस में महाप्रबंधक का घेराव किया जाएगा और क्षेत्र में सीएमडी और कार्मिक निदेशक के आने पर उन्हें काले झंडे दिखाए जायेंगे। पत्रकार वार्ता में पर्यवेक्षक सतीश नारायण शुक्ला, हरी वर्मा दीपक राय, अमजद खान, ताजुद्दीन सिद्दीकी, वीर बहादुर सिंह, आशीष सिकंदरपुरे सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।