स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

खतरे के साये में अध्ययन कर रहे विद्यार्थी

Arun Garhewal

Publish: Nov 19, 2019 23:27 PM | Updated: Nov 19, 2019 23:27 PM

Chhindwara

भवन में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी खतरे के साये में अध्ययन करते नजर आ रहे है।

छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव. जुन्नारदेव विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत खापास्वामी के ग्राम घानाखेड़ा में संचालित प्राथमिक शाला भवन वर्तमान में पूर्णत: जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। उक्त शाला जर्जर भवन की मरम्मत की मांग लगातार की जाती रही है किन्तु मरम्मत के अभाव में अब यह भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है और इस भवन में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी खतरे के साये में अध्ययन करते नजर आ रहे है।

भवन को तोडक़र नवीन भवन बनाये जाने की मांग ग्राम पंचायत सरपंच सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है किन्तु आज तक इस स्कूल भवन की ओर किसी का भी ध्यान नहीं दिया गया है। गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत घानाखेड़ा में प्राथमिक शाला वर्ष 1999 से संचालित है जिसका भवन 2003-04 में बना था किन्तु गुणवत्ता के अभाव में भवन आज दयनीय स्थिति में पहुंच गया है। मात्र 15-16 वर्षो में भवन पूर्णत: गिरने की स्थिति में है। यदि समय रहते भवन की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित हो सकती है।

ग्राम पंचायत घानाखेड़ा के जर्जर हुये भवन में ग्रामीणों के बच्चे वर्तमान में शिक्षा ग्रहण कर रहे है किन्तु ग्रामीण अपने बच्चों को खतरे के साये में नहीं भेजना चाहते है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा भवन को तोडक़र नए भवन बनाये जाने की मांग शासन प्रशासन सहित पंचायत से की गई है। इसके लिए स्कूल के प्रधान पाठक द्वारा भी प्रशासन को पत्र लिखा जा चुका है किन्तु नन्हें बच्चों को अब तक इस जर्जर भवन में खतरे के साये में बैठकर पढ़ाई करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में हुई अति वर्षा के चलते स्कूल भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। यदि इसका शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया तो यह भवन कभी भी धराशायी हो सकता है और इसमें बैठने वाले बच्चों के साथ शिक्षक में दुर्घटना का शिकार हो सकते है। ग्राम के ग्रामीण महेश, आशु धुर्वे, मंतोबाई, मानती, शांति, शिवरति, सरस्वती, शिवप्रसाद, नवल, ज्ञानवती सहित समस्त ग्रामीणों ने भवन को तोडक़र नए भवन निर्माण की मांग की है जिससे बच्चे सुरक्षित स्कूल में बैठकर अध्ययन कर सके।

[MORE_ADVERTISE1]