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Murder Case : युवक की हत्या के मामले में आरोपियों को राहत दे रही पुलिस, जानें वजह

Rajendra Sharma

Publish: Sep 23, 2019 14:35 PM | Updated: Sep 23, 2019 12:55 PM

Chhindwara

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने दिखाई मानवता

चार गरीबों को मिलेगी राहत

छिंदवाड़ा/ पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर चार बेकसूर लोगों को राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। हर दिन मछली मारकर अपना पेट भरने वालों को पुलिस ने हत्या का आरोपी बना दिया, इसमें पुलिस की भी कोई गलती नहीं थी, क्योंकि शव के गले पर निशान मिले थे, जिससे यह साफ हो रहा था कि गला घोंटकर हत्या की गई है, तत्काल अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मृतक के गले पर जो निशान थे वह कीटों के काटने और लम्बे समय तक शव पानी में रहने के कारण बने थे।
बता दें कि कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सुरगी निवासी किशोर (45) पिता सियाराम यादव 14 सितम्बर दिन रविवार सुबह करीब 11 बजे मछली मारने के लिए घर से निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो परिजन ने तलाश शुरू की। 15 सितम्बर की सुबह किशोर का शव सुरगी-अंजनिया बायपास पर ग्राम अंजनिया के समीप बनी पुलिया के नीचे मिला था। गले पर चोट के निशान और बिजली के तार सहित अन्य सामग्री मिलने पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया। छानबीन शुरू की तो सामने आया कि किशोर गांव के ही बिसनलाल यादव, शिवराम उइके, अंतराम उर्फ झिगट्टा उइके एवं भाई संतराम उर्फ मुगदर उइके के साथ मछली मारने के लिए गया थे। मृतक और आरोपियों ने मिलकर मछली मारने के लिए नाले में बिजली का करंट डाला था। तार के जरिए उन्होंने करंट नाले तक लाया। एक जगह पर तार खुला था जिस पर किशोर ने पैर रखा और करंट लगने से उसकी मौत हो गई। डर के चलते उसके साथियों ने शव पुलिया के नीचे छिपाया और घर चले गए। पुलिस ने चारों के खिलाफ (302) हत्या का अपराध दर्ज किया है।

अब आगे यह होगा

सीएसपी अशोक तिवारी ने बताया कि वारदात स्थल के आस-पास और गांव के लोगों से जब पूछताछ की गई तो सामने आया कि मृतक ही चार लोगों को अपने साथ मछली मारने के लिए लेकर गया था। कुछ लोगों के बयान भी लिए गए। कोतवाली टीआइ विनोद सिंह कुशवाह एवं कुंडीपुरा टीआइ राजेश सिंह चौहान ने भी वारदात स्थल से साक्ष्य जुटाए जिसमें सामने आया कि जिन लोगों पर हत्या कर प्रकरण दर्ज किया गया है उनकी मंशा हत्या की नहीं थी, यह एक हादसा था। इस मामले में जल्द ही धारा 304 भी लगाई जाएगी। सारे साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए जाएंगे ताकि उन्हें राहत मिल सके।