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Motivation : वर्तमान को सजाना ही भविष्य की नींव, आप भी जानें सफलता का रहस्य

Rajendra Sharma

Publish: Dec 11, 2019 17:42 PM | Updated: Dec 11, 2019 17:42 PM

Chhindwara

चांद कॉलेज में समय प्रबंधन एवं सफलता का रहस्य विषय पर व्याख्यानमाला

छिंदवाड़ा/ शासकीय कॉलेज चांद में समय प्रबंधन एवं सफलता का रहस्य विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला में प्रमुख वक्ता पीजी कॉलेज छिंदवाड़ा के रसायन विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. इरफान अहमद ने सभाकक्ष में उपस्थित छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति समय की चुनौतियों में पलते हैं, वे हीरो बनते हैं। खर्च करने वाली चीजों में समय सबसे मूल्यवान है। सही समय सिर्फ अभी का होता है। समय उड़ता है और हम सब इसके पायलट हैं। समय रहते बदलो अन्यथा समय हमको बदल देगा। समय खर्च न करो बल्कि इन्वेस्ट करो। हम बीते कल में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं। समय सबसे बड़ा गुरूदानी व बलवान होता है। विजेता व पराजित समय के सदुपयोग व दुरुपयोग से बनते हैं। लम्हों में की गई लापरवाही का खामियाजा सदियों तक भुगतना पड़ता है। समय प्रबंधन पर बोलते हुए इंदौर से आमंत्रित अतिथि शिवम मालवीय ने कहा कि समय प्रबंधन प्राथमिकता प्रबंधन ही है। अगर समय पर हमारी पकड़ सही है तो सभी पूर्व धारणाएं धूमिल हो जाती हैं। भाग्य तो स्वयं को बचाने की धार्मिक घोषणा भर होती है। इतिहास के प्राध्यापक डॉ. कुलदीप कौशिक ने कहा कि हम अपनी दैहिक शक्तियों को या तो प्रयोग करें या इनको खो दें इनको संचय नहीं किया जा सकता है। सफलता हर दिन किए गए छोटे-छोटे प्रयासों का सामूहिक नतीजा होता है। जॉब रेडिनेस प्रशिक्षण विशेषज्ञ सोमेश मेहता ने कहा कि हमारी सोच ही हमारी प्रगति का आधार बनती है। वह जीया हुआ वक्त ही क्या जो परिणाम न दे। आइपीएस कॉलेज के प्राध्यापक व विशेष अतिथि डॉ. अनमोल भारद्वाज ने कहा कि सामयिक कर्म सर्वोत्कृष्ट मुक्ति, संतुष्टि व कृतित्व होते हैं। प्राचार्य डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि हम उतने ही होते हैं जितने समय को हम अपने पक्ष में कर लेते हैं। डॉ. अमर सिंह ने कहा कि सफलता कोई बनी बनाई लकीर नहीं होती है, अपनी लकीर ख़ुद खींचनी पड़ती है। लक्ष्यहीन होकर ज्यादा सोचना भी समय की बर्बादी होती है। हम जो आज करते हैं वही हमारा कल होता है। दो कार्य एक साथ करना दोनों ही न करना होता है। व्याख्यान माला में कॉलेज के छात्र उपस्थित थे।

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