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कमलनाथ सरकार का नवाचार: प्री नर्सरी की तरह विकसित होंगी आंगनबाडिय़ां, जानिए क्या होगा फायदा

Prabha Shankar Giri

Publish: Aug 22, 2019 10:42 AM | Updated: Aug 22, 2019 10:42 AM

Chhindwara

प्रदेशभर में 313 आंगनबाड़ी केंद्रों का किया गया चयन

छिंदवाड़ा. महिला बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों में एक नवाचार करने जा रहा है। प्रदेश में आंगनबाडय़ों को बाल शिक्षा केंद्र या प्री नर्सरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले बच्चों को उनकी उम्र और रुचि के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। पहले चरण में प्रदेश में कुल 313 केंद्रों को चुना गया है।
हर विकासखंड में एक केंद्र बनाया जा रहा है। छिंदवाड़ा के सभी 11 विकासखंडों में एक-एक केंद्र चुना गया है। आगामी 28 तारीख को इन केंद्रों का शुभारम्भ पूरे प्रदेश में एक साथ किया जाएगा।
जिला मुख्यालय पर कृष्णा नगर स्थित प्राथमिक स्कूल में चल रही आंगनबाड़ी को बाल शिक्षा केंद्र के रूप में बदला जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कल्पना तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन और विभाग की मंशा के अनुरूप इन केंद्रों को तैयार किया जा रहा है ताकि बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार माहौल मिले। इन केंद्रो में तीन से छह वर्ष तक के बच्चे अध्ययन कर सकेंगे।

खेल-खेल में शिक्षा
आंगनबाड़ी शिक्षा केंद्रों में खेल-खेल में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए रोज गतिविधियां होंगी। इसमें क्रियात्मक खेल के अलावा रचनात्मक नाटक, सामूहिक और नियमवाले खेल शामिल हैं। खेल, रचनात्मक नाटक या नकल करने वाले खेल, सामूहिक और नियमबद्ध खेल शामिल हैं। इन केंद्रों पर खेलों के आधार पर बच्चों से अलग-अलग गतिविधियां करवाई जाएंगी। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए आयु समूह के अनुसार तीन एक्टीविटी वर्कबुक तैयार की गई है। बच्चों के विकास की निगरानी के लिए शिशु विकास कार्ड बनाए गए हैं।

ये होगा पाठ्यक्रम
बच्चों को शिक्षा देने के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है। इसमें स्वयं की पहचान, मेरा घर, व्यक्तिगत साफ. सफाई, रंग और आकृति की पहचान, तापमान और पर्यावरण, पशु-पक्षी, यातायात के साधन और सुरक्षा के नियम, हमारे मददगार मौसम और बच्चों का आत्मविश्वास तथा हमारे त्योहार जैसे विषय शामिल हैं।