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अस्पताल में कैदी की मौत पर मचा बवाल, होगी ज्यूडिशियल जांच

Prabha Shankar Giri

Publish: Aug 22, 2019 07:00 AM | Updated: Aug 22, 2019 01:24 AM

Chhindwara

जिला अस्पताल के आइसीसीयू में चल रहा था इलाज

छिंदवाड़ा. डकैती, हत्या और पुलिस पर हमला करने वाले आरोपी रमेश उर्फ रोजगारी (42) पिता गोकल ठाकुर निवासी ग्राम मैना पिपरिया थाना केवलारी जिला सिवनी ने बुधवार की दोपहर को जिला अस्पताल के आइसीसीयू वार्ड में दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल के जेल वार्ड से करीब चार दिन पहले ही उसे आइसीसीयू में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक तौर पर मौत की वजह गम्भीर चोट बताई जा रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
सिवनी जिले के केवलारी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम मैना पिपरिया निवासी रमेश उर्फ रोजगारी को उमरानाला चौकी पुलिस 31 जुलाई को जिला जेल लेकर पहुंची थी। जेल में प्रवेश करने के साथ ही न्यायालय के आदेश पर आरोपित को नौ अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। दोबारा नौ अगस्त की शाम को पुलिस रमेश को लेकर
जेल पहुंची।
आरोपित के शरीर पर चोट के निशान होने के कारण जेल प्रबंधन ने आरआइ लालबहादुर बौद्ध को सूचना दी और लाइन से कुछ पुलिसकर्मी बुलाकर तत्काल ही उसे जिला अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती करा दिया।
इलाज के दौरान रमेश की हालत में सुधार नहीं होने पर चार दिन पहले ही उसे जिला अस्पताल के आइसीसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। बुधवार दोपहर करीब एक बजे के आस-पास उसकी मौत हो गई।

क्या है मामला
उमरानाला चौकी क्षेत्र के ग्राम उमरिया निवासी फकीरा पाठे की हत्या कर डकैती करने वाले नौ लोगों के गिरोह में रमेश उर्फ रोजगारी भी शामिल था। वारदात को अंजाम देने वाले नौ में से आठ आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। रमेश और उसके सहयोगी नौ अगस्त तक पुलिस रिमांड पर थे। सभी आरोपित छह और सात अगस्त की दरमियानी रात को उमरानाला चौकी पुलिस पर जानलेवा हमला कर फरार हो गए थे। चौकी से भागे आरोपियों को हिरासत में लिया था। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद रमेश को लेकर जेल पहुंची तब उस पर चोट के निशान थे जिसके चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पीएम रिपोर्ट में खुलेगी मौत की गुत्थी
रमेश के शरीर पर गम्भीर चोट के निशान थे जिसके चलते उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। आरोपी को चोट कैसे आई इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और मामले की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। जिला जेल के भीतर कैदी आधे घंटे भी नहीं रुका तो फिर उसे चोट कहां और कैसे आई, इस तरह के और भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक और कैदी का चल रहा इलाज
गिरोह के मुख्य सरगना देवा उर्फ देवराज वर्मा (42) ग्राम डोंगरगांव थाना बिछुआ का भी इलाज जिला अस्पताल में जारी है। बताया जा रहा है कि देवा के शरीर पर भी गम्भीर चोट के निशान हैं। उसकी स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। बता दें कि पुलिस हिरासत से भागने वालों में देवा भी शामिल था। सात आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद वह पुलिस के हत्थे चढ़ा था।

ज्यूडिशियल जांच की मांग
पुलिस ने 31 जुलाई को आठ आरोपित जेल दाखिल किए, जिसके तत्काल बाद न्यायालय के आदेश पर
नौ अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस नौ अगस्त को रमेश उर्फ रोजगारी को लेकर आई थी। चोट के निशान होने के कारण उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया और इसकी सूचना आरआइ को दे दी थी। बुधवार दोपहर रमेश की मौत हो गई, जिसकी जानकारी मानव अधिकार आयोग सहित अन्य अधिकारियों को दे दी है। जिला न्यायधीश से ज्यूडिशियल जांच के लिए मांग की जाएगी।
-यजुवेंद्र बाघमारे, अधीक्षक, जिला जेल, छिंदवाड़ा


मजिस्ट्रेट के सामने हुए थे बयान
आरोपियों के मजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए थे। उस समय उन्होंने पुलिस द्वारा मारपीट की बात नहीं कही थी। मौत की वजह का खुलासा पीएम रिपोर्ट से होगा।
सुशांत सक्सेना, डीआइजी, छिंदवाड़ा रेंज