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जन्माष्टमी पर इस बार यह होगा खास, पढ़ें पूरी खबर

Rajendra Sharma

Publish: Aug 22, 2019 17:40 PM | Updated: Aug 22, 2019 17:40 PM

Chhindwara

मथुरा के मुकुट-आभूषणों से सजेंगे लड्डू गोपाल

 

शहर में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर

छिंदवाड़ा. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की पूजा हर घर में की जाती है। उनका झूला सजाया जाता है। नए वस्त्र और आभूषणों से उनका शृंगार किया जाता है। उनके प्रिय भोग लगाकर उनके जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस बार भी इस विशेष दिवस की तैयारियां शहर में शुरू हो गई हैं। लड्डृू गोपाल के शृंगार के लिए बाजार में वस्त्र और आभूषण आ चुके हैं। ये वस्त्र और शृंगार के विभिन्न सामान विशेष रूप से मथुरा से बनकर यहां आए हैं। मथुरा वृंदावन में बनी पोशाक, मोरमुकुट से लेकर आकर्षक और रंगबिरंगी मालाएं, पगड़ी, तिलक, हाथ-पैर-नाक में पहनने वाले आभूषण श्रद्धालुओं को लुभा रहे हैं। कुछ दुकानदारों ने मोर मुकुट नाथद्वारा से भी बुलवाए हैं। अपने लड्डू गोपाल पर सबसे अच्छा क्या लगेगा इसे खरीदने लोग बाजार पहुंचने लगे हैं। जन्माष्टमी का पर्व 23 अगस्त को मनाया जाएगा।

जबलपुर-मुरादाबार से आए सिंहासन

लड्डू गोपाल कहीं सिंहासन पर विराजेंगे तो कहीं झूला झूलेंगे। बाजार में लकड़ी, पीतल के साथ मेटल के झूले और सिंहासन बाजार में उपलब्ध हैं। लकड़ी के झूले और सिंहासन रंगबिंरगे और सजे हैं। मेटल पर बनी नक्काशी और मीनाकारी भी खूबसूरत दिख लग रही है। पीतल के सिंहासन भी बाजार में दिख रहे हैं। कन्हैया की पोशाक 10 से 1000 रुपए तक, झूले 50 से 2000 रुपए तक, गोपाल की प्रतिमा 100 से 3000 रुपए तक, सिंहासन लकड़ी का 50 से 500 रुपए तक, सिंहासन पीतल का 200 से 1000 रुपए तक उपलब्ध है। शृंगार सामग्री विके्रता शरद टोपीवाला ने बताया कि सबसे ज्यादा मांग पोशाक और पगड़ी की होती है। इसके अलावा गले के लिए मोतियों के हार की डिमांड ज्यादा है। उनका कहना है कि इस दिन बच्चों को भी बाल गोपाल के वेश में सजाने का चलन इन दिनों खूब है। अलग-अलग उम्र के बच्चों के शृंगार का सामान भी उपलब्ध है। अपने बच्चों को लेकर भी लोग पहुंच रहे हैं।

राम मंदिर में भी होगा उत्सव

स्थानीय श्रीराम मंदिर छोटी बाजार में सत्य धर्म मंडल और स्वर्णकार समाज के तत्वावधान में कृष्ण जन्मोत्सव 23 अगस्त को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। कृष्ण मंदिर में अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सत्य धर्म मंडल के प्रवक्ता कृष्णा सेठिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह झंडा वंदन होगा। इसी दिन रात नौ बजे से सत्य धर्म रामायण मंडल के सदस्यों द्वारा कृष्णजी के सुंदर भजनों की प्रस्तुति होगी। भगवान का अभिषेक पूजन विधि-विधान से पंडित नंदकिशोर शास्त्री द्वारा किया जाएगा। रात 12 बजे हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की के जयघोष, करतल ध्वनि, घंटे, नगाडों, आतिशबाजी के साथ भगवान का जन्म होगा। भगवान की 108 दीपों से आरती की जाएगी।