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Inspiration: बच्चों को संपत्ति देने से पहले पैरेंट्स को करना चाहिए यह काम

Ashish Kumar Mishra

Publish: Sep 17, 2019 12:32 PM | Updated: Sep 17, 2019 12:32 PM

Chhindwara

यह उद्गार स्वाध्याय भवन में आयोजित धर्म-सभा में दिल्ली से पधारी बहन राजकुमारी ने दिया।

छिंदवाड़ा. अगर वर्तमान के साथ भविष्य अच्छा बनाना हो तो माता-पिता अपने बच्चों को सदाचार, नैतिकता के साथ धार्मिक संस्कार अवश्य दें। इसके बाद ही उसे लौकिक संम्पत्ति या संसाधन दें। यह उद्गार स्वाध्याय भवन में आयोजित धर्म-सभा में दिल्ली से पधारी बहन राजकुमारी ने दिया। उन्होंने कहा कि हम जो बीत गया ऐसे भूतकाल के विषय में या फिर जो आने वाला है ऐसे भविष्य के विषय में ज्यादा सोचते हैं, लेकिन वर्तमान के विषय में हमारा ध्यान ही नहीं जाता। जबकि यह बात निश्चित है कि जिसका वर्तमान अच्छा होगा उसका भविष्य अच्छा होगा ही होगा। आज के परिपेक्ष्य में उन्होंने बच्चों के विषय में गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि वर्तमान संसाधन मोबाइल, सोशल साइट्स आदि से बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। इसका परिणाम हम प्रत्यक्ष देख भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सारा दोष बच्चों को देना उपयुक्त नहीं है, इसके लिए अभिभावक भी दोषी हैं। माता-पिता बिना सोचे समझे बच्चों को कीमती मोबाइल आदि दिलाते हैं और यह तक नहीं पूछते की आप किससे बात कर रहे हो, आपके कौन-कौन मित्र हैं और आप उनके साथ कौन सी गतिविधि कर रहे हो। जब बच्चे बिगड़ जाते हैं तो फिर सिर्फ और सिर्फ पश्चाताप के अतिरिक्त कुछ नहीं बचता। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गीली मिट्टी को ही आकर दिया जाता है, अच्छी भूमि में ही बीजारोपण किया जाता है उसी प्रकार हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम बच्चों को बचपन से ही नैतिक शिक्षा, सदाचार का पाठ पढ़ाएं, उन्हें धार्मिक पाठशाला पहुंचाएं। जहां वह ज्ञान प्राप्त करें ओर उनसे बुरी आदतों से दूर रहकर आदर्श जीवन जीएं। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं, उन्हें प्रत्येक सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में साथ ले जाएं, जिससे वे समाज का स्वरूप एवं उसमें रहकर अच्छे और सच्चे कार्य को करने की प्रेरणा ले सकें।