स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

डीआरएम ने रेलवे स्टेशन में हो रही समस्या पर कही यह बात, पढ़ें पूरी खबर

Ashish Kumar Mishra

Publish: Aug 22, 2019 13:33 PM | Updated: Aug 22, 2019 13:33 PM

Chhindwara

बैठक बुधवार को डीआरएम शोभना बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में नागपुर में संपन्न हुई।


छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल रेल सलाहकार समिति की बैठक बुधवार को डीआरएम शोभना बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में नागपुर में संपन्न हुई। बैठक में छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व करते हुए मंडल रेल सलाहकार समिति सदस्य अंकुर शुक्ला ने छिंदवाड़ा-नागपुर ब्रॉडगेज लाइन एवं छिंदवाड़ा-नैनपुर लाइन के धीमी गति से चल रहे कार्य से डीआरएम को अवगत कराया। सदस्य अंकुर शुक्ला ने बताया कि डीआरएम से कम से कम सिवनी तक जल्द से ट्रेन की सुविधा देने की मांग की गई। इसके जवाब में डीआरएम ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि एक वर्ष के अंदर छिंदवाड़ा से सिवनी गेज कन्वर्जन का कार्य पूरा हो जाए वहीं छिंदवाड़ा से नागपुर लाइन को भी जल्द से जल्द चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में इंजन शंटिंग के कारण दिन में कई बार चार फाटक बंद होने का भी मुद्दा उठाया गया। जिस पर डीआरएम ने कहा कि अगर छिंदवाड़ा कलेक्टर अनुमति दें तो रेलवे बजट से चार फाटक पर लो हाइट सबवे(एलएचएस) बनाया जा सकता है। सदस्य ने रेलवे स्टेशन में पूर्व स्वीकृत वाटर वेडिंग मशीन शीघ्र लगाने एवं चार फाटक रेलवे ओवरब्रिज के दोनों स्टार्टिंग प्वाइंट पर सिग्नल लगाने की भी मांग की। डीआरएम ने चीफ इंजीनियर सिग्नल को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाटर वेडिंग मशीन के बारे में कहा कि दो माह में आईआरसीटीसी द्वारा छिंदवाड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन में वाटर वेडिंग मशीन लगा दी जाएगी। बैठक में छिंदवाड़ा समिति सदस्य रेणु चांडक सहित रेलवे के विभिन्न विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सभी लाइन चालू होने के बाद ही बन पाएगी पिट लाइन
रेलवे सलाहकार समिति सदस्य अंकुर शुक्ला ने बैठक में छिंदवाड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन में पिट लाइन की सुविधा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। जिस पर डीआरएम ने कहा कि अभी छिंदवाड़ा से बहुत कम ट्रेन चल रही है। वर्तमान में पिट लाइन की आवश्यकता नहीं दिख रही है। पिट लाइन बनाने में लगभग दो सौ करोड़ रुपए तक का खर्च आएगा। छिंदवाड़ा से अधिक ट्रेनों के परिचालन होने पर पिट लाइन बनाई जाएगी। हालांकि इसके लिए प्रस्ताव हम रेलवे बोर्ड को भेजेंगे।