स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पंाढुर्ना को सूखा घोषित करने किया प्रदर्शन

SACHIN NARNAWRE

Publish: Jul 20, 2019 17:06 PM | Updated: Jul 20, 2019 17:06 PM

Chhindwara

अल्पवर्षा के कारण खेतों में कि गई बोवनी लगभग बर्बाद हो गई है।

पांढुर्ना. अल्पवर्षा के कारण खेतों में कि गई बोवनी लगभग बर्बाद हो गई है। जमीन का दाना जानवरों ने खा लिया तो फसलें अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गई। इस तरह की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र के किसानों ने शासन का ध्यान आकर्षित करने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।
किसानों ने बताया कि 72 ग्राम पंचायतों में इस साल बारिश नहीं हुई। सिंचाई के अभाव में फसलें और बीज खराब हो चुके है। किसानों के सामने अकाल मौत मरने की नौबत आ गई है। गांवों में पशुओं के लिए चारा तो दूर पीने के लिए पानी नहीं बचा है। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। बारिश के मौसम को दो माह होते आ रहे है पानी नहीं गिर रहा है। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन से मांग की गई है कि तहसील को सूखाग्रस्त घोषित कर के जीवों की जान बचाने के लिए गंभीर कदम उठाएं जाये। किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए किसानों को अब तक सम्मान निधि मिलना प्रारंभ नहीं होने की जानकारी दी किसानों ने बताया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में किसानों को चार माह पहले ही यह निधि प्राप्त हो गई है। कई किसानों की फसल नष्ट होने के बाद भी अब तक बीमा नहीं दिया गया। किसान अपनी फसलों को लेकर परेशान है। उक्त लंबित काम शीघ्र निपटाएं जाए ताकि नुकसान की घड़ी में किसानों को सहायता मिल सकें।किसानों ने प्रदर्शन करते हुए शासन प्रशासन के सामने सात सूत्री मांग रखी। जिसमें तहसील के सभी किसानों का कर्जा माफ करने, तहसील पांढुर्ना को सुखाग्रस्त घोषित करने, प्रत्येक पंचायत में लघु तालाबों का निर्माण कर पानी रोकने, किसानों को सम्मान निधि तत्काल देने, क्षेत्र में 40 प्रतिशत बोई जाने वाली गोभी की फसल को आरबीसी में शामिल कर खरीफ फसल माना जाएं, किटनाशक दवा एवं आर्गेनिक ग्रेनीवाल पर से 18 प्रतिशत जीएसटी हटाए जाने सहित अन्य मांगे शामिल है।