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Tamilnadu : मणि रत्नम के खिलाफ बिहार में मामला दर्ज

shivali agrawal

Publish: Oct 04, 2019 15:55 PM | Updated: Oct 04, 2019 15:55 PM

Chennai

Tamilnadu: case filed against Mani Ratnam in Bihar

देश में बढ़ रहे मॉब लिचिंग (भीड़ द्वारा पर पीट कर की गई हत्या) के मामलों पर चिंता जाहिर कर प्रधानमंत्री मोदी को खुला पत्र लिखने वाली 50 नामी गिरामी हस्तियों के खिलाफ गुरुवार को बिहार में एफआईआर दर्ज की गई।

चेन्नई. प्रधानमंत्री को लिखे गए खत के कारण प्रसिद्ध निर्देशक मणिरत्नम के खिलाफ बिहार में एफआईआर दर्ज की गई है।

देश में बढ़ रहे मॉब लिचिंग (भीड़ द्वारा पर पीट कर की गई हत्या) के मामलों पर चिंता जाहिर कर प्रधानमंत्री मोदी को खुला पत्र लिखने वाली 50 नामी गिरामी हस्तियों के खिलाफ गुरुवार को बिहार में एफआईआर दर्ज की गई। ये एफआईआर मुजफ्फपुर में दर्ज की गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

मुजफ्फपुर के वकील सुधीर कुमार ओझा की दो महीने पहले दायर की गई याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद यह एफआईआर दर्ज हुई है। सुधीर कुमार ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 20 अगस्त को उनकी याचिका स्वीकार कर ली थी। बाद में 3 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई।


हर क्षेत्र के दिग्गज है शामिल
इन हस्तियों में मणिरत्नम, अनुराग कश्यप और अपर्णा सेन ,कोंकणा सेन शर्मा, शुभा मुद्गल, बोनानी कक्कर, जोया मित्रा और अदूर गोपाल कृष्णन के साथ ही रामचंद्र गुहा,सुमित सरकार जैसे नाम शामिल है। सरकार ने पत्र में लिखे गए आरोपों को नकार दिया था।

क्या लिखा था पत्र में
जुलाई माह में पीएम मोदी को लिखे गए इस खुले खत में उन्होंने एक ऐसा माहौल बनाने की मांग की थी, जहां असहमति को कुचला नहीं जाए। इन हस्तियों ने कहा था कि असहमति देश को और ताकतवर बनाती है।
इस पत्र में लिखा है कि हमारा संविधान भारत को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है, जहां हर धर्म, समूह, लिंग, जाति के लोगों के बराबर अधिकार हैं।

राजद्रोह के लगे है आरोप
ओझा का आरोप है कि इन हस्तियों ने देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को कथित तौर पर धूमिल किया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गयी है। इसमें राजद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं।