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17 हजार से अधिक सरकारी डॉक्टर अनिश्चितकालिन हड़ताल पर

Vishal Kesharwani

Publish: Oct 25, 2019 15:04 PM | Updated: Oct 25, 2019 17:06 PM

Chennai

In view of the doctors' strike, DMK President M.K. Stalin urged the state government to find a solution by meeting with the strike doctors.

डॉक्टरों के हड़ताल को देखते हुए डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राज्य सरकार से हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के साथ बैठक कर हल निकालने का आग्रह किया।

17 हजार से अधिक सरकारी डॉक्टर अनिश्चितकालिन हड़ताल पर
-मरीजों की समस्या बढ़ी
-स्टालिन ने राज्य सरकार से डॉक्टरों से वार्ता करने का किया आग्रह
चेन्नई. वेतन में वृद्धि समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग करते हुए राज्य भर के सरकारी अस्पताल के १७ हजार से अधिक डॉक्टरों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालिन हड़ताल शुरू किया। डॉक्टरों के हड़ताल की वजह से हजारों इन और आउट मरीजों की समस्या बढ़ गई है। डाक्टरों द्वारा केंद्र सरकार के डॉक्टरों के बराबर वेतन में वृद्धि, डॉक्टरों की संख्या में कमी नहीं करने और समय समय पर पदोन्नती देने की मांग की जा रही है। पत्रकारों से बातचीत में डॉक्टरों ने कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक आपातकालिन के अलावा किसी भी मामले में मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा।

-स्टालिन ने राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी की निंदा की

डॉक्टरों के हड़ताल को देखते हुए डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राज्य सरकार से हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के साथ बैठक कर हल निकालने का आग्रह किया। यहां जारी एक विज्ञप्ति में स्टालिन ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों द्वारा लिखित प्रतिनिधित्व देने के बावजूद राज्य सरकार कार्रवाई करने में विफल हो गई। स्टालिन ने डॉक्टरों को प्रदर्शन करने पर मजबूर करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी की निंदा की। उन्होंने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से मांगों को पूरा करने के लिए हड़ताल का सहारा नहीं लेने का आग्रह करते हुए सरकार के साथ वार्ता कर मामले को सुलझाने का सुझाव दिया।

 

-फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन

उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालिन हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। फेडरेशन के एक सदस्य ने बताया कि वेतन में वृद्धि, मेडिकल एजुकेशन में कोटा और वादे के मुताबिक अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग करते हुए हड़ताल किया जाएगा। इस दौरान डॉक्टर सिर्फ आपातकालिन वार्ड, लेबर वार्ड और आईसीयू वार्ड में आपातकालिन स्थिति में कार्य करेंगे। लेकिन जब तक मामला सुलझता नहीं है तब तक आउट पेसेंट सेवा, सर्जरी और अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा।

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