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पर्दे पर जयललिता की जीवनी, निर्देशक विजय और विष्णुवद्र्धन को न्यायिक पीठ का नोटिस

Santosh Tiwari

Publish: Feb 13, 2020 21:23 PM | Updated: Feb 13, 2020 21:23 PM

Chennai

जे. दीपा की अपील पर


चेन्नई. स्वर्गीय जे. जयललिता के जीवन पर वेब सीरियल और मूवी बना रहे निर्देशकों ए. एल. विजय और विष्णुवद्र्धन इंदुरी को मद्रास हाईकोर्ट की न्यायिक पीठ ने इस सिलसिले में एकल जज द्वारा दिए गए निर्णय मामले में हुई अपील पर जवाबी नोटिस जारी किया है। यह अपील जयललिता की भतीजी जे. दीपा ने दायर की है।
दीपा ने जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस कृष्णन रामसामी की कोर्ट में अपील दायर की। ११ दिसम्बर २०१९ को एकल जज ने उक्त फिल्मकारों की क्विन नाम की वेब सीरियल और मूवी की रिलीज पर निषेधाज्ञा जारी करने से इनकार कर दिया था।
दीपा ने अपील की उनको विवादित वेब सीरियल क्विन देखने का मौका मिला था। उनको यह देखकर हैरानी हुई कि निर्माता-निर्देशक गौतम वासुदेव मेनन ने इसमें कई ऐसे दृश्य दिखाए हैं जो उनकी स्वर्गीय बुआ जे. जयललिता की गलत छवि पेश करते हैं। कोप-कल्पना के नाम पर बनाई इस वेब सीरियल में वस्तुत: उनकी बुआ की पूरी निजी जिन्दगी दिखाई गई है। याची ने कहा कि उनकी आपत्ति को लेकर उन्होंने सभी जरूरी व प्रासंगिक दस्तावेज पेश किए है। दीपा ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि वह उनके पेश दस्तावेजों पर गौर करे।
गौरतलब है कि जयललिता की वैधानिक वारिस होने का दावा करते हुए जे. दीपा ने अपने मूल सिविल मामले में कहा था कि स्वर्गीय मुख्यमंत्री जे. जयललिता के जीवन पर फिल्म बनाने का ए. एल. विजय, गौतम वासुदेव मेनन और विष्णुवद्र्धन इंदुरी को कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। अगर वे इस तरह की कोई फिल्म बनाते हैं, विज्ञापन और प्रदर्शन करते हैं तो पहले जयललिता के वारिस जो कि वे हैं, से अनुमति लेनी होगी।
इस याचिका पर एकल जज सेंथिल कुमार राममूर्ति ने ११ दिसम्बर को जयललिता पर बनी वेब सीरियल के प्रसारण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। बहरहाल, सीरियल देखने के बाद जे. दीपा ने उक्त याचिका के साथ फिर से न्यायालय की शरण ली है। अदालत ने संबंधित पक्षकारों के वकील को दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

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