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TAMILNADU: कुछ नहीं था जल्लीकट्टू का विरोध प्रदर्शन, तमिल भाषा के लिए होगा बड़ा आंदोलन: कमल हासन

Vishal Kesharwani

Publish: Sep 16, 2019 19:59 PM | Updated: Sep 16, 2019 19:59 PM

Chennai

Kamal Haasan said Jallikattu was a small protest जल्लीकट्टू तो सिर्फ विरोध प्रदर्शन था। हमारी भाषा के लिए जंग उससे कई गुना ज्यादा होगी।


तमिल भाषा के लिए होगा बड़ा आंदोलन: कमल हासन
चेन्नई. मक्कल नीदि मय्यम (एमएनएम) के संस्थापक अध्यक्ष अभिनेता कमल हासन ने सोमवार को केंद्र सरकार को एक देश एक भाषा को बढ़ावा देने के खिलाफ चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियों में उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि भारत 1950 में अनेकता में एकता के वादे के साथ गणतंत्र बना था और अब कोई शाह और सुल्तान इससे इनकार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं लेकिन उनकी मातृभाषा हमेशा तमिल रहेगी। ट्वीटर हैंडल पर वीडियो जारी करते हुए उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि इस बार एक बार फिर भाषा के लिए आंदोलन होगा और यह जल्लीकट्टू आंदोलन से भी बड़ा होगा।

कुछ नहीं था जल्लीकट्टू का विरोध प्रदर्शन

जल्लीकट्टू तो सिर्फ विरोध प्रदर्शन था। हमारी भाषा के लिए जंग उससे कई गुना ज्यादा होगी। राष्ट्रगान भी बांग्ला में होता है, उनकी मातृभाषा में नहीं। वह जिस बात का प्रतीक है, उसकी वजह से हम उसे गाते हैं और इसलिए भी क्योंकि जिस शख्स ने उसे लिखा वह हर भाषा को अहमियत और सम्मान देते थे। कमल ने कहा कि भारत एक संघ है जहां सभी सौहार्द के साथ मिलकर बैठते और खाते हैं, लेकिन हमें बलपूर्वक खिलाया नहीं जा सकता। इससे पहले कमल हासन ने शुभश्री, जिसकी होर्डिंग गिरने के बाद टैंकर से टक्कर में मौत हुई थी, के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। गौरतलब है कि हिंदी दिवस पर अमित शाह द्वारा एक देश-एक भाषा के सिद्धांत का पक्ष लिए जाने के बाद अब तमिलनाडु के राजनीतिक दल इसके विरोध में उतर आए हैं।