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VIDEO: सांचे में ढलती मां दुर्गा की मूर्तियां

Purushotham Reddy

Publish: Sep 16, 2019 18:14 PM | Updated: Sep 16, 2019 18:22 PM

Chennai

Durga idol making in Chennai: साल में 6-8 महीने गणेश, विश्वकर्मा और दूर्गा की मूर्तियां बनाने के बाद बंगाल लौट जाते हैं। Navratri 2019, Durga Pooja, T Nagar

चेन्नई.

इस वर्ष नवरात्र २९ सितम्बर से शुरू हो रहे हैं। लोगों में काफी उत्साह है। चूंकि अब नवरात्र को वक्त कम रह गया है ऐसे में प्रतिमाओं को नया अंदाज, रंग, रूप देने के लिए दिन रात एक कर अपनी कला को मूर्तिकार मानो मां की प्रतिमा को समर्पित कर रहे हैं।

यहां टी.नगर के वेंकटनारायण रोड स्थित ठक्कर बापा विद्यालय में दुर्गा की मूर्तियों को मूर्त रूप देने के लिए इन दिनों बंगाल से आए मूर्तिकार दिन-रात काम में जुटे हुए हैं।

पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिला से आए मूर्तिकार किशोरी मोहन पाल ने बताया कि उनकी दो पीढिय़ां इस काम को करती आ रही हैं। वे खुद 18 साल की उम्र से मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। 18 वर्ष की आयु में वे चेन्नई आ गए और 1998 से वे चेन्नई में मूर्ति बनाने का काम करते आ रहे हैं। साल में 6-8 महीने गणेश, विश्वकर्मा और दूर्गा की मूर्तियां बनाने के बाद बंगाल लौट जाते हैं।

उन्होंने बताया कि हर वर्ष पंडालों की सजावट में अनोखेपन को तवज्जो दिया जाता है ठीक उसी प्रकार पंडाल में स्थापित करने के लिए देवी देवताओं की प्रतिमा को लेकर भी नए प्रयोग होते हैं।

 

इसी में इस बार कोई अलग अंदाज का प्रतिमा बनाने की सोच रहा है तो कोई अनाज से। वहीं कई ऐसे स्थान हैं जहां पर वर्षों से परंपरागत अंदाज में नवरात्र के लिए मां की प्रतिमाएं बनती आ रही हैं। उधर बंगाली समुदाय के मूर्तिकार 'एक चाल' की मूर्ति बनाने में तल्लीन हैं। इसमें एक ही फर्मे पर मां दुर्गा, महिषासुर, गणेश, सरस्वती, कार्तिकेय की मूर्ति रहती है। खास बात यह कि 'एक चाल' की मूर्ति बंगाली समाज द्वारा बनाई जाती है जिसकी अपनी खाखियत होती है।