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परिवेश को रखें साफ नहीं तो जुर्माना होगा!

Dhannalal Sharma

Publish: Oct 22, 2019 15:26 PM | Updated: Oct 22, 2019 15:26 PM

Chennai

यदि आपके घर के सामने कचरा (garbage) पड़ा हुआ है और वहां मच्छरों की पैदावार हो रही है तो ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (chennai corpotation) के डेंगू नियंत्रक दल आप पर जुर्माना कर सकता है?

चेन्नई. क्या आपके घरों की छत पर या सामने पानी जमा है या क्या छत पर रखा वाटर टैंक खुला हुआ है? क्या बालकनी में रखे गमलों में गंदा पानी जमा हुआ है? यदि ऐसा है तो आप उन सभी जगहों को तुरंत साफ कर दीजिए। यदि आपके घर के सामने कचरा पड़ा हुआ है और वहां मच्छरों की पैदावार हो रही है तो ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के डेंगू नियंत्रक दल आप पर जुर्माना कर सकता है?
बतादें कि ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आयुक्त जी. प्रकाश ने महानगर के सभी १५ जोन में ३४०० स्वास्थ्यकर्मियों को डेंगू नियंत्रक दल के रूप में शहर में प्रसरित हो रहे एडीज मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए अभियान चलाया है। इसके तहत हर एक डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडिंग चैकर्स) का जिम्मा एक सप्ताह के अंदर लगभग पांच सौ घरों का मुआयना करना है। उसे जहां भी मच्छरों की पैदावार की आशंका हो उन मकान मालिकों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।


डीबीसी कर्मचारियों की परेशानी
डेंगू नियंत्रक दल में शामिल एक कॉर्पोरेशन कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हम जहां भी जमा पानी और गंदगी होगी उसको आसानी से साफ कर सकते हैं तथा जहां जल जमाव है वहां पानी की निकासी का प्रयास भी कर सकते हैं, लेकिन कॉर्पोरेशन अधिकारियों द्वारा जारी फरमान को पूरा करना बेहद कठिन है। किसी भी व्यक्ति के घर में बिना इजाजत के आप कैसे प्रवेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी की छत पर लगे वाटर टैंक और गमले में जमा पानी की जांच करना हम डेंगू नियंत्रक जांच दल के सदस्यों द्वारा कैसे की जा सकती है?


बैठक में डीबीसी को सख्त आदेश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को सभी जोनल अधिकारियों और सफाईकर्मियों की बैठक हुई जिसमें अधिकारियों ने डेंगू जांच दल के सदस्यों को सख्त आदेश दिया कि वे एक सप्ताह के अंदर अपने जोन के पांच सौ घरों की वस्तुस्थित की जांच अवश्य करें। उन्हें मच्छरों की पैदावार रोकने के लिए यथासंभव प्रयास करने को कहा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट कंस्ट्रक्शन साइटों पर यदि जल जमाव और एडीज मच्छरों की पैदावार का कोई कारक मिलता है तो उन संस्थानों पर भारी जुर्माना किया जाए।


वसूला 3९ लाख का जुर्माना
बहरहाल डेंगू जांच नियंत्रक दल द्वारा अब तक आदेश का पालन नहीं करने के कारण ३९ लाख का जुर्माना वसूल किया गया है जबकि डीबीएस अधिकारियों को १ लाख रुपए प्रतिदिन वसूली करने का लक्ष्य दिया गया है। चेन्नई निवासियों का कहना है कि सरकार और ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन अपनी नाकामी का ठीकरा आमजन पर फोडऩा चाहते हैं। शर्मानगर निवासी दिनेश लाल कर्ण कहते हैं कि महानगर निगम डेंगू रोगियों की बढ़ती तादाद से घबरा गया है। पिछले चार सालों में जब महानगर की ड्रेनेज व्यवस्था नहीं सुधर पाई तो जलजमाव और मच्छरों की पैदावार को कैसे रोका जाएगा? वहीं कोलत्तूर निवासी आर. कुवेंद्रन का आरोप है कि बारिश होने पर जल जमाव अवश्य होगा और मच्छरों की पैदावर भी बढ़ेगी। ऐसे में सरकार और कॉर्पोरेशन की ड्यूटी बनती है कि वे जल जमाव को रोकें और हर इलाके में नियमित फोगिंग करें और आमजन को जागरूक करें।


शिक्षण संस्थानों व निजी संस्थानों पर जुर्माना
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने डीबीएस के तहत कई सरकारी और निजी कंपनियों व शिक्षण संस्थानों में मच्छरों की पैदावार का कारक मिलने पर कार्रवाई की गई है और लाखों रुपए जुर्माना भी किया गया है।
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फैक्ट फाइल
कुल डेंगू बुखार पीडि़त रोगियों की संख्या ७९३
डेंगू रोग से पीडि़त रोगियों की संख्या-९३
कुल मेडिकल कैंप लगाए १३२६
कुल डेंगू जांच दल कर्मचारी ३३४६
मच्छर मारने वाली स्प्रे मशीन ३९५
कुल उपयोग हो रहे फोगिंग मशीन ३९