स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

महानगर में किशोरावस्था में अपराध की घटनाएं बढ़ रही, दिल्ली के आंकड़े दहलाने वाले

Ashok Rajpurohit

Publish: Oct 23, 2019 12:43 PM | Updated: Oct 23, 2019 12:43 PM

Chennai

वर्ष 2017 में दिल्ली(Delhi) में 2677 मामले जबकि चेन्नई (Chennai) में 270 मामले

चेन्नई. महानगर में किशोरावस्था में अपराध की घटनाएं बढ़ रही है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर नजर डालें तो चेन्नई में वर्ष 2015 में किशोरावस्था में अपराध के 270 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2016 में 391 तथा वर्ष 2017 में 573 मामले दर्ज हुए।

सर्वाधिक किशोरावस्था में अपराध के मामले दिल्ली मेंं

अगर बड़े शहरों की बात की जाएं तो वर्ष 2017 में सर्वाधिक किशोरावस्था में अपराध के मामले दिल्ली मेंं 2677 दर्ज हुए। दूसरे स्थान पर 914 मामलों के साथ मुम्बई रहा। तीसरे नंबर पर पुणे में 715 मामले दर्ज हुए।

चेन्नई चौथे स्थान पर

इस लिहाज से चेन्नई चौथे स्थान पर है। पांचवे स्थान पर 488 मामलो ंके साथ नागपुर है। सूरत छठे स्थान पर जहां 436 मामले दर्ज हुए। बेंगलुरू में 215 एवं कोलकाता में केवल 35 मामले दर्ज हुए।

चार मामले हत्या के
चेन्नई में वर्ष 2017 में किशोरावस्था के अपराध के मामलों में चार मामले हत्या के थे। जबकि 10 हत्या के प्रयास के थे। दिल्ली में किशोरावस्था की उम्र में 46 जनों ने हत्या को अंजाम दिया।