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मशीन में जांचा तो पुलिसकर्मी बेनकाब, स्वीकारा...मैं भी नशा करता हूं जनाब

Satyendra Porwal

Publish: Sep 18, 2019 00:37 AM | Updated: Sep 18, 2019 00:37 AM

Chandigarh Punjab

पुलिसकर्मी करता था नशा, जांच हुई तो छिपाना चाह रहा था अपराध। डोप टेस्ट में हकीकत उजागर ना हो जाए, तो ले आया घर से सैंपल। चिकित्सकों को हुआ शक तो कि जांच। फिर कैसे पकड़ में आया...

(अमृतसर).जालंधर में पुलिसकर्मियों द्वारा नशा किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रदेशभर के आला पुलिस अधिकारी सभी कॉन्स्टेबल व हेड कांस्टेबल रेंक तक के कर्मियों का डोप टेस्ट में जुटे हैं, ऐसे में एक पुलिसकर्मी की गजब चालबाजी सामने आई है। उम्मीद यह कि जाती है कि पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाएगी, लेकिन यहां तो पुलिसकर्मी ही अपराध करता हुआ पाया गया।

इस बार तो हद हो गई...
जांच के दौरान हेराफेरी करने वाला पंजाब पुलिस का हेडकांस्टेबल निकला। अमृतसर देहाती पुलिस की सुरक्षा शाखा में तैनात हेडकांस्टेबल कुलविंदर सिंह डोप टेस्ट के लिए पत्नी का यूरीन सैम्पल लेकर अमृतसर मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। वहां सैम्पल के बूते नेगेटिव रिपोर्ट हासिल कर ली, लेकिन डोप टेस्ट मशीन ने उसकी चालाकी पकड़ ली। बाद में डाक्टर ने उसका ताजा यूरीन सैम्पल लिया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

ऐसे आई चालाकी पकड़ में
यह पुलिस कर्मचारी सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित नशा मुक्ति केन्द्र में जांच करानेआया था। स्टाफ ने उसे यूरीन सैम्पल देने को कहा तो वह सेन्टर के शौचालय में जाकर कुछ देर बाद सैम्पल ले आया। सैम्पल जांच के लिए मशीन में रखा तो मशीन ने संकेत दिया कि यह सैम्पल गलत है। हालांकि स्टॉफ ने डोप टेस्ट किया तो रिपोर्ट नेगेटिव आई। मशीन के संकेत के बाद डॉक्टर का माथा ठनका। उन्हें शक हुआ कि कर्मचारी झूठ बोल रहा है, क्योंकि मशीन उसी समय ऐसा संकेत देती है जब यूरीन ठंडा होता है और अगर उसने ताजा सैम्पल दिया था तो यह गर्म होना चाहिए था।

दोबारा जांच की तो रिपोर्ट निकली पॉजीटिव
स्टाफ ने पूछताछ भी की, पर वह यही कहता रहा कि यह सैम्पल उसका ही है। शक के आधार पर एक स्टाफ सदस्य के साथ उसे फिर से शौचालय भेजकर ताजा सैम्पल लेकर जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जांच के दौरान पुलिस कर्मचारी का मॉर्फिन पॉजीटिव पाया गया। मेडिकल क्षेत्र में मॉर्फिन पॉजीटिव पाए जाने को अफीम या स्मैक के सेवन के साथ जोड़कर देखा जाता है।

घर से लेकर आया था पत्नी का सैम्पल
नशा मुक्ति केंद्र के प्रभारी डॉ. राजीव अरोड़ा ने बताया कि रिपोर्ट बदल जाने पर पूछताछ करने पर वह माना कि वह घर से पत्नी का सैम्पल लेकर आया था। उसके लिखित बयान लेकर पुलिस उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।

100 पुलिसकर्मी जिन पर नशा करने का संदेह
डोप टेस्ट की प्रक्रिया से हालाकि पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस को अलग रखा है। परंतु पुलिस के पास आधुनिक हथियार होने के कारण यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह हथियार सही हाथों में हैै। इसी कारण अमृतसर देहाती के एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने ऐसे 100 पुलिस कर्मचारियों की सूची तैयार करवाई है जिन पर नशा करने का संदेह है। इन लोगों के डोप टेस्ट करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

हेडकांस्टेबल को किया सस्पेंड
एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने कहा कि हेडकांस्टेबल के इस मामले में गहनता से जांच की जाएगी। डोप टेस्ट करवाने के लिए अपनी पत्नी का यूरिन सैंपल देने वाले हेडकांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। डोप टेस्ट में पॉजीटिव आने पर अमृतसर देहाती के एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने यह कार्रवाई की है।