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कांग्रेस सरकार के राज में हुआ सात गुणा मुनाफा

Chandra Prakash sain

Publish: Jul 30, 2019 18:20 PM | Updated: Jul 30, 2019 18:20 PM

Chandigarh Punjab

Punjab Government Mining Policy: पंजाब की मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई नई माइनिंग नीति ने पिछली सरकारों के दौरान आने वाले राजस्व में करीब सात गुना का इजाफा कर दिया है। माइन्स क्लस्टरों की नीलामी से राजस्व 300 करोड के पार पहुंचने की उम्मीद है।

पंजाब की नई माइनिंग नीति से सरकार को बेहतर राजस्व मिला
पिछली सरकारों के 40 करोड़ के मुकाबले मिले 274.75 करोड़

चंडीगढ़. पंजाब की मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई नई माइनिंग नीति ने पिछली सरकारों के दौरान आने वाले राजस्व में करीब सात गुना का इजाफा कर दिया है। माइन्स क्लस्टरों की नीलामी से राजस्व 300 करोड़ के पार पहुंचने की उम्मीद है।

माइनिंग विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने नई माइनिंग नीति (Mining Policy) में दो लक्ष्य तय किए थे। पहला लक्ष्य यह था कि अवैध खनन पर रोक लगे और दूसरा था कि आम उपभोक्ता को सस्ती रेत व निर्माण सामग्री मिले। इसलिए सात क्लस्टर बनाकर इनकी नीलामी करने का फैसला किया गया। क्लस्टर लेने वाले कान्ट्ेक्टर की जिम्मेदारी यह भी तय की गई कि वह सरकार की मदद लेकर अपने क्लस्टर में अवैध खनन रोके।

प्रवक्ता ने बताया कि नई माइनिंग नीति में रेत या अन्य निर्माण सामग्री की दरें भी तय कर दी थीं। रेत 900 रूपए फुट या 225 रूपए टन से अधिक पर नहीं बेची जा सकती। कुल सात क्लस्टरों में से अब सिर्फ मोहाली क्लस्टर की नीलामी बची है। इसकी नीलामी के साथ राजस्व के तीन सौ करोड़ के पार हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पंजाब में अभी रेत की मांग घटी है और यह चार करोड़ टन सालाना से घटकर तीन करोड टन रह गई है। सरकार का प्रति करोड़ टन पर 100 करोड रूपए राजस्व के अनुमान से तीन सौ करोड़ राजस्व का लक्ष्य पूरा होने जा रहा है।

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