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विवादों से सिद्धू का रहा है नाता

Devkumar Singodiya

Publish: Jul 20, 2019 17:52 PM | Updated: Jul 20, 2019 17:52 PM

Chandigarh Punjab

Navjot Sidhu Controversy: राज्यपाल ने सिद्धू का इस्तीफा ( Sidhu's Resignation ) स्वीकार भले ही कर लिया, लेकिन मामला अभी भी सुलझता नजर नहीं आ रहा है।

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ( Amrinder Singh ) ने शनिवार की सुबह नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjot Singh Sidhu ) का इस्तीफा मंजूर कर दिया। सिद्धू की गिनती अब पंजाब में पूर्व मंत्री के रूप में होगी। अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा मंजूर करके राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर ( V.P.Singh Badnor ) को भेज दिया है। सिद्धू को अब बहुत जल्द मंत्री के रूप में मिला सरकारी आवास भी खाली करना होगा। नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। सिद्धु लम्बे समस ये विवादों में भी चल रहे थे।

इस तरह शुरू हुआ विवाद

लोकसभा चुनाव के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने बठिंडा रैली में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरूद्ध बयान दिया तो अमरिंदर सिंह ने कहा कि सिद्धू उन्हें हटाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच विवाद लगातार बढ़ता चला गया और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोकसभा चुनाव के बाद अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग वापस लेकर उन्हें बिजली मंत्रालय दे दिया।

नहीं संभाला मंत्रालय, राहुल को भेजा इस्तीफा

अन्य मंत्रियों ने तो नए मंत्रालयों में कार्यभार संभाल लिया लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू ने बिजली मंत्रालय संभालने की बजाए दस जून को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया। सिद्धू की दबाव की राजनीति में कांग्रेस हाईकमान जब नहीं पिंघली तो हालात से तंग आए सिद्धू ने 14 जुलाई को ट्वीटर के माध्यम से अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया।

होने लगी आलोचना

ट्वीट पर इस्तीफा सार्वजनिक करने के बाद भी सिद्धू चौतरफा आलोचना का शिकार हुए। जिसके बाद 15 जुलाई को उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अपना इस्तीफा भेज दिया। सिद्धू ने जब अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेजा तब वह दिल्ली में थे। 17 जुलाई को दिल्ली से वापस आने के बाद ही अटकलों का दौर जारी था कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह सिद्धू के मामले में जल्द फैसला लेंगे। इस बीच कांग्रेस हाईकमान के नेताओं ने भी सिद्धू व अमरिंदर के बीच सुलह के प्रयास किए। यह प्रयास जब विफल हुए तो मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार की सुबह सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार करके फाइल राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर को भेज दी। मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने की खबरें जैसे ही मीडिया में आई तो नवजोत सिंह सिद्धू ने भी अपने सरकारी आवास से कर्मचारियों को वापस भेज दिया। इसी दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने इस्तीफा स्वीकार किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में यहां पहुंचा इस्तीफा पढऩे के बाद उसे स्वीकार कर लिया गया है। फाइल राज्यपाल को भेज दी गई है।


पहले भी विवादों में रहे हैं सिद्धु


सिद्धु ( Navjot Singh Sidhu ) से स्थानीय निकाय विभाग का कार्यभार लेकर उन्हें बिजली मंत्रालय सौंपा गया था, लेकिन उन्होंने नया विभाग संभाला नहीं था। वे पूर्व में भी अपने भाषणों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में भाषण दिया था कि यदि राहुल गांधी हार गए तो वे स्वयं भी राजनीति छोड़ देंगे। इस मामले को लेकर हाल के दिनों मेंं पंजाब के मोहाली में कई जगह सिद्धु के भाषण देते हुए फोटोयुक्त पोस्टर लगे थे। अंग्रेजी और पंजाबी भाषा में लगे इन पोस्टर्स में उनसे राजनीति छोडऩे के बारे में पूछा गया था हालांकि पोस्टर लगे होने की जानकारी मिलने पर जहां पंजाब की सियासत गर्माई वहीं स्थानीय निकाय विभाग पोस्टर हटाने में जुट गया। इससे पूर्व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने और इमरान से गले मिलने के फोटो जारी होने पर वे भारत में विपक्ष के निशाने पर आ गए थे।