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सिद्धू ने दिखाया दार्शनिक अंदाज,बोले-मैं अपनों से नहीं लड़ता, सामूहिक रूप से लेनी चाहिए हार की जिम्मेदारी

Prateek Saini

Publish: Jun 06, 2019 18:08 PM | Updated: Jun 06, 2019 18:08 PM

Chandigarh Punjab

सिद्धू ने कहा कि वे उसूलों के लिए लड़ते रहे हैं। अगर वे इस रास्ते से हटते हैं तो यह उनके पिता स्वतंत्रता सैनानी सरदार भगवन्त सिंह सिद्धू का अपमान होगा...

(चंडीगढ): पंजाब के शहरी निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह के साथ जुबानी जंग के बीच आज यहां आयोजित कैबिनेट बैठक में शामिल न होने के साथ ही अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वे अपनों से नहीं विरोधियों से लड़ते रहे हैं।


भावुक सिद्धू ने कुछ दार्शनिक अंदाज में अपना रुख पेश किया और कहा कि अगर जिंदा हैं, तो जिंदा नजर आना जरूरी है। सिद्धू ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाल के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने पंजाब में कुल 13 सीटों में से आठ हासिल की है। यह 61 फीसदी सफलता है। उन्होंने कहा कि बाकी सीटों पर हार के लिए एकमात्र उनके विभाग पर ही निशाना साधा जा रहा है, जबकि यह सामूहिक जिम्मेदारी का मामला है। उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने अपने क्षमता और संसाधनों के अनुसार बेहतर काम किया है। विभाग को कुल 10 हजार करोड़ रूपए का बजट मिला था और उसके जरिए जरूरी काम किए गए। उन्होंने कहा कि वे उसूलों के लिए लड़ते रहे हैं। अगर वे इस रास्ते से हटते हैं तो यह उनके पिता स्वतंत्रता सैनानी सरदार भगवन्त सिंह सिद्धू का अपमान होगा। उन्हें ये संस्कार अपने पिता से मिले हैं। सरदार भगवन्त सिंह मान को ब्रिटिश सरकार ने गोली से उड़ा दिया था।