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सिद्धू पर फूटेगा पंजाब में कांग्रेस को सभी 13 लोकसभा सीटें न मिल पाने का ठीकरा, यह है प्रमुख वजह

Prateek Saini

Publish: May 22, 2019 17:20 PM | Updated: May 22, 2019 17:20 PM

Chandigarh Punjab

नवजोत सिद्धू ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भटिंडा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव सभा को संबोधित करते हुए मतदाताओं से अपील में कहा था कि...

(चंडीगढ): लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना कल यानि गुरूवार को होगी। पंजाब में सभी 13 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव कराया गया है। प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सभी 13 लोकसभा सीटें जीतने के लिए मिशन-13 का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह यदि अपने मिशन-13 में सफल नहीं होते तो इसका जिम्मा उनके प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे केबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू को झेलना होगा।


नवजोत सिद्धू ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भटिंडा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव सभा को संबोधित करते हुए मतदाताओं से अपील में कहा था कि मिलीभगत की राजनीति करने वालों को हराएं। पंजाब की राजनीति में यह चर्चा चलती रही है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और अकाली दल के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मिलीभगत की राजनीति करते रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता यह आरोप लगाते रहे हैं। सिद्धू ने भी मिलीभगत की राजनीति करने वालों को हराने की अपील कर पहले चली आ रही चर्चा की ओर इशारा कर दिया। सिद्धू के इस बयान पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सिद्धू ने लोकसभा चुनाव के वक्त इस तरह की टिप्पणी कर कांग्रेस और राहुल गांधी का नुकसान किया है। ऐसे समय में जबकि कांग्रेस के लिए एक-एक सीट कीमती है, यह बयान नुकसान करने वाला है। अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि सिद्धू मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। महत्वाकांक्षी होना अच्छी बात है लेकिन उन्हें अपनी यह बात किसी और मौके पर कहना चाहिए थी।

सिद्धू के इस बयान पर अन्य वरिष्ठ केबिनेट मंत्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उनके खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई करने की मांग पार्टी नेतृत्व से की है। इन मंत्रियों में स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और सामाजिक न्याय राज्यमंत्री साधु सिंह धर्मसोत शामिल हैं। इन मंत्रियों के बाद कांग्रेस की चुनाव प्रचार प्रबन्ध समिति के प्रमुख व पूर्व मंत्री लाल सिंह ने भी कहा है कि यदि कांग्रेस मिशन-13 पूरा नहीं कर पाती है तो इसके लिए सिद्धू का बेमौके दिया गया बयान जिम्मेदार होगा।


लाल सिंह पंजाब प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू पिछले 27 माह से कांग्रेस के साथ हैं लेकिन उन्हें कांग्रेस की अनुशासन की संस्कृति को सीखने की जरूरत है। कांग्रेस की पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी ने कहा है कि वे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच टकराव पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड से रिपोर्ट लेंगी। उद्योग मंत्री सुन्दर शाम अरोरा,खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी,कपूरथला से कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत ने भी सिद्धू की कडी आलोचना की है। इसी बीच आम आदमी पार्टी विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल की मिलीभगत को उजागर किया है। सिद्धू में सच कहने का साहस है और वे कैप्टेन अमरिंदर सिंह से अच्छे मुख्यमंत्री साबित होंगे।