स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

flood in punjab : चाहे कुछ हो जाए, एक बूंद पानी पाक की ओर ना जाए

Satyendra Porwal

Publish: Aug 20, 2019 01:07 AM | Updated: Aug 20, 2019 01:07 AM

Chandigarh Punjab

Flood In Punjab : रणजीत सागर बांध लबालब, पानी से पंजाब प्रभावित। भाखड़ा डेम (BHAKRA DAM) से छोड़े जा रहे पानी के कारण सतलुज (SATLUJ RIVER) उफान पर। झील का जलस्तर खतरे के निशान की ओर।

 

(अमृतसर) . रणजीत सागर बांध (आरएसडी) (RANJEETSAGAR DAM) (RSD) की झील से माधोपुर हेड वक्र्स के जरिए सोमवार दोपहर तक पाकिस्तान की ओर पानी नहीं छोड़ा गया। नतीजतन झील का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। तब भी पाकिस्तान की ओर जाने वाले हेड वक्र्स को नहीं खोला गया। झील का जलस्तर 521.80 मीटर पहुंच गया था। अगर ऐसे ही हालात रहे तो अन्य फ्लड गेट भी खोलने पड़ेंगे।

बचाव में जुटी एनडीआरएफ की टीमें
आरएसडी के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर नरेश महाजन ने बताया कि चमेरा बांध प्रशासन ने 3 फ्लड गेट खोल रखे हैं। इससे हर घंटे आरएसडी (RSD) झील में 80 हजार क्यूसेक पानी जमा हो रहा है। पंजाब में सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं चार लोगों की जान भी चली गई है। भाखड़ा डेम से छोड़े जा रहे पानी के कारण सतलुज (SATLUJ RIVER) दरिया उफान पर है। रोपड़, पठानकोट, लुधियाना और फिरोजपुर के गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। फिरोजपुर, जालंधर, नवांशहर और कपूरथला के 197 गांवों को खाली करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश भाखड़ा डेम से सतलुज दरिया में एक लाख 89 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के मद्देनजर दिया गया है। सतलुज दरिया में भाखड़ा डेम से छोड़े गए पानी और भारी वर्षा के कारण स्वां नदी ने श्री आनंदपुर साहिब के दर्जनों गांवों को चपेट में ले लिया है। गांव निक्कूवाल, महंदली कलां, बुर्ज, चंदपुर बेला, बल्लोवाल, गज्जपुर, हरीवाल आदि का संपर्क दुनिया से टूट गया। यहां बचाव में एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें जुटी हुई हैं।

पठानकोट में चक्की दरिया पूरे उफान पर
इधर, हिमाचल (HIMACHAL) में भारी बरसात के बाद पठानकोट में चक्की दरिया पूरे उफान पर है। रविवार तड़के चक्की दरिया किनारे वाली भदरोया रोड का 300 मीटर हिस्सा दरिया में समा गया। सड़क किनारे लगे बिजली के 2 टावर भी धराशायी हो गए। रोपड़ हैडवक्र्स से 2,40,930 क्यूसिक पानी छोड़े जाने के कारण डीसी चंद्र गैंद ने फिरोजपुर और जीरा तहसील से संबंधित एसडीएम को निर्देश जारी किए हैं कि वह इन तहसीलों से संबंधित निचले और संवेदनशील गांव में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।

फिरोजपुर-जीरा तहसील के गांव खाली के निर्देश
एसडीएम को जिन गांव को खाली करवाने का निर्देश मिला है, उनमें 38 गांव फिरोजपुर तहसील और 20 गांव जीरा तहसील से संबंधित हैं। अतिसंवेदनशील गांवों का डीसी और एसएसपी फिरोजपुर विवेक एस. सोनी ने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ दौरा किया। अधिकारियों को इन क्षेत्रों पर खास फोकस रखने के लिए कहा गया है।

ये हैं वे 58 गांव
इन गांवों में मन्नो माछी, गट्टा दलेल, जमाली वाला, चक मन्नो माछी, गट्टा बादशाह, गत्ती हरिके, फेटेवाला, घुरम, वर काली रौन, अरेजा साबरा, कमलवाला, फतेहगढ़ सबरां, अशीए के, तन्ना बग्गा, हमदवाला, कमला मिददू, दूलासिंहवाला, मस्तेके, गुरदिती वाला, कालेके हिथार, रुकनेवाला, गत्ती चक जदीद, कमलवाला, तल्ली गुलाम, पल्ला मेघा, जम्मा मेघा, गट्टी मटर, डोना मटर, कुतबद्दीनवाला, डोना राजा दीनानाथ, मेहमूद के मल हिथार, ठेठ घारा, बंडाला, अक्कूवाला, बाला मेघा, कालूवाला, गट्टी रहिमके, लंगियाना, डोना तेलुमल, किल्चा, दोना रहमत वाला, निहाले वाला, लमोचर, भांबा सिंह वाला, वीरां, निहाले वाला, हबीब के, अली औलख और किलचा शामिल हैं।

सतलुज दरिया में जलस्तर बढ़ा
डीसी ने कहा कि सतलुज (SATLUJ RIVER) दरिया में पानी का जलस्तर बढऩे के कारण रविवार-सोमवार रात 3 बज कर 40 मिनट पर पानी पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि हरीके में मौजूदा डाउनस्ट्रीम में मौजूदा जलस्तर 70,000 क्यूसिक है, जो देर रात तक डेढ़ लाख तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरा तैयार है। उन्होंने सभी एसडीएम, नहरी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

पशुओं के राशन के लिए सूखे चारे का इंतजाम
डीसी ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द राहत केंद्रों तक पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों की बैठक में बताया कि पशुओं के राशन के लिए सूखे चारे का इंतजाम कर लिया गया है और अगर जरूरत पड़ी तो मंडियों को राहत केंद्रों में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने सेहत विभाग के अधिकारियों को टीमें तैयार रखने और पावरकॉम को राहत केंद्रों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार
डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और फौज, एनडीआरएफ (NDRF)
व एसडीआरएफ (SDRF) के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की तरफ से सतलुज ( SATLUJ) के जलस्तर और बाढ़ से संबंधित स्थिति पर निगरानी के लिए 24 घंटे काम करने वाला फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे मुलाजिम अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी कर रहे हैं और सतलुज के जलस्तर को लेकर लगातार रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री कैप्टन सिंह ने की 100 करोड़ रुपए देने की घोषणा

Flood In Punjab : But Not A Single Drop Water For Pak

पंजाब के सैकड़ों गांव सोमवार तक बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसे देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए सीएम ने बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM OF PANJAB ) ने 100 करोड़ रुपए देने की घोषणा कर दी है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों के फिर से बसाया जा सके।