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सात सलाहकारों से ऐसी क्या गुफ्तगू करेंगे कैप्टन...

Satyendra Porwal

Publish: Sep 12, 2019 23:11 PM | Updated: Sep 12, 2019 23:11 PM

Chandigarh Punjab

विपक्ष ने उठाया मुद्दा: लाभ के पद पर कैसे दे दी नियुक्ति। पंजाब के सात कांग्रेस विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग। अकाली दल-भाजपा ( AKALI DAL+BJP) विधायकों ने स्पीकर को सौंपा ज्ञापन।

(चंडीगढ़) मुख्यमंत्री के सात सलाहकार। आखिर ऐसा क्या सलाह मशवरा हो रहा है पंजाब में। मुख्यमंत्री अमरिन्दर (CHIEF MINISTER CAPTAIN AMARINDER SINGH ) स्वयं सांसद भी रह चुके हैं। प्रदेश में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं, उन्हें आखिर ऐसी क्या जरूरत है कि अपने साथ सात सलाहकार रखे जाएं और फिर केबिनेट का विशेष दर्जा देकर वे क्या संदेश देना चाहते हैं। इन्हीं सारे सवालों को उठाते हुए अकाली व भाजपा गठबंधन ने स्पीकर को ज्ञापन सौंपा है और सलाहकार नियुक्त सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। पंजाब में हाल ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के सात विधायकों को मुख्यमंत्री का सलाहकार (ADVISOR OF CHIEF MINISTER) नियुक्त किए जाने पर अकाली दल-भाजपा( AKALI DAL+BJP) विधायकों ने स्पीकर को ज्ञापन सौंपकर इन सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

जबकि बना ली अलग पार्टी भी

 अकाली दल-भाजपा( AKALI DAL+BJP)

अकाली-भाजपा गठबंधन ने कांग्रेस विधायकों को अयोग्य करार देने के अलावा आम आदमी पार्टी के उन आठ विधायकों को भी अयोग्य घोषित करने की मांग की है जो कि कांग्रेस में शामिल हो गए या फिर अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ चुके हैं। आम आदमी पार्टी (AAM AADMI PARTY) के इन विधायकों में सुखपाल खैहरा भी शामिल हैं। खैहरा ने पंजाब एकता पार्टी बना ली है।

संवैधानिक सीमा का भी उल्लंघन
अकाली दल-भाजपा विधायकों ने स्पीकर को बताया कि कांग्रेस के सात विधायकों को लाभ के पद पर नियुक्त किया गया है। इसलिए वे अयोग्य घोषित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन विधायकों को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त कर केबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। इस तरह सदन के सदस्यों की संख्या के 15 फीसदी मंत्री बनाए जाने की संवैधानिक सीमा का भी उल्लंघन किया गया है। इस तरह प्रदेश में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है।

दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं अमरिंदर:विक्रम सिंह

अकाली दल विधायक दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह दूसरी बार मुख्यमंत्री बने है और सांसद भी रहे हैं। उन्हें इतने सलाहकारों की क्या जरूरत रही है।

राज्यपाल को भी देंगे ज्ञापन

पंजाब विधानसभा

पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि अभी इन विधायकों को अयोग्य घोषित कराने के लिए स्पीकर को ज्ञापन दिया गया है। आगे राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया जाएगा।