स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

रोजाना 17 लोग आ रहे कैंसर की चपेट में

Chandra Prakash sain

Publish: Aug 04, 2019 18:37 PM | Updated: Aug 04, 2019 18:37 PM

Chandigarh Punjab

Haryana: प्रदेश सरकार ने जारी की तीन साल की रिपोर्ट, कैंसर (Cancer) से मृत्यु दर में दो फीसदी की वृद्धि हुई है।

(संजीव शर्मा) चंडीगढ़. हरियाणा के लोगों की लगातार बदल रही जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण कैंसर की बीमारी बेहद तेजी से फैल रही है। प्रदेश के करीब आधा दर्जन शहरों में कैंसर की स्थिति विस्फोटक बनती जा रही है। कैंसर रोगियों के साथ-साथ हरियाणा में कैंसर ( Cancer Patients In Haryana ) से मरने वालों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 से लेकर वर्ष 2018 तक की एक रिपोर्ट विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पटल पर रखी है।

मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डैथ (एमसीसीडी Medical certification of cause of death ) के आधार पर हरियाणा सरकार ने स्वीकार किया है राज्य में वर्ष 2016 के दौरान कैंसर से मरने वालों की मृत्यु जहां 3.48 थी वहीं यह वर्ष 2017 में बढ़कर 5.01 तक पहुंच गई। यह मृत्यु दर प्रति एक लाख व्यक्तियों के आधार पर है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 में कैंसर रोगियों की संख्या जहां 6024 थी वहीं यह संख्या 2017 में बढ़कर 6575 तक पहुंच गई। वर्ष 2018 में कैंसर रोगियों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। जिसके तहत पिछले साल हरियाणा के अस्पतालों में कैंसर रोगियों की संख्या 6477 रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के अंबाला जिला में वर्ष 2017 में 133 कैंसर रोगियों के मुकाबले वर्ष 2018 में 231 रोगियों का पंजीकरण किया गया। इसी प्रकार फतेहाबाद जिला में कैंसर रोगियों की संख्या 78 से बढ़कर 99, जींद में 72 से बढ़कर 118 तथा महेंद्रगढ़ में वर्ष 2017 में 57 से बढ़कर 2018 में 88 तक पहुंच गई। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार मेवात जिला में कैंसर रोगियों की संख्या 163 से बढ़कर 301, पलवल में 40 से बढ़कर 79 तथा यमुनानगर में 237 से बढ़कर 301 तक पहुंच गई है। हरियाणा के कैथल जिला की रिपोर्ट बेहद आश्चर्यजनक है। यहां वर्ष 2017 के दौरान एक भी कैंसर रोगी का पंजीकरण नहीं हुआ जबकि वर्ष 2018 में कैंसर रोगियों की संख्या अचानक 231 तक पहुंच गई।

एनसीआर के कई जिलों में कम हुए रोगी
हरियाणा सरकार द्वारा सदन में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले कई जिलों में रोगियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। फरीदाबाद में वर्ष 2017 के दौरान जहां 122 लोगों में कैंसर की पहचान की गई थी वहीं 2018 में यह संख्या कम होकर 104 तक पहुंच गई। इसी तरह गुरुग्राम में 12 से कम होकर छह, झज्जर में 73 से कम होकर पांच, करनाल में 224 से कम होकर 38, सोनीपत में 352 से कम होकर 232 रह गई है।

रोहतक में हुए सर्वाधिक मामले दर्ज Cancer Patients In Rohtak
हरियाणा सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट को अगर देखा जाए तो रोहतक जिला में कैंसर रोगियों की हजारों में है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि रोहतक में कैंसर चिकित्सा संस्थान होने के चलते यहां रोहतक के अलावा अन्य जिलों तथा पड़ोसी राज्यों के मरीज भी आकर अपना उपचार करवाते हैं लेकिन उनका पंजीकरण यहीं पर होता है। रिपोर्ट के मुताबित रोहतक में वर्ष 2017 के दौरान कैंसर के 3845, वर्ष 2017 के दौरान 4185 तथा वर्ष 2018 के दौरान कैंसर के 4008 रोगियों का पंजीकरण हुआ है।

हरियाणा की जरूरी खबरें पढऩे के लिए यहंा क्लिक करें https://www.patrika.com/haryana-news/