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सत्ता के लिए अकाली दल हरियाणा को पानी पर देगा मूक समर्थन

Yogendra Yogi

Publish: Oct 12, 2019 19:10 PM | Updated: Oct 12, 2019 19:10 PM

Chandigarh Punjab

राजनीति भी गजब गुल खिलाती है। हरियाणा में कुछ ऐसा ही हुआ। जो अकाली दल पंजाब से हरियाणा को पानी की एक बंूद भी देने के खिलाफ था, अब इस मुद्दे पर मौन समर्थन देने को तैयार हो गया।

चण्डीगढ़ (संजीव शर्मा): राजनीति भी गजब गुल खिलाती है। सत्ता में आने के लिए मुदïï्दे दरकिनार किए जा सकते हैं। राजनीतिक दल किसी तरफ भी गुलाटी खा सकते हैं। हरियाणा में कुछ ऐसा ही हुआ। जो अकाली दल पंजाब से हरियाणा को पानी की एक बंूद भी देने के खिलाफ था, अब इस मुद्दे पर मौन समर्थन देने को तैयार हो गया। हरियाणा में इनैलों का सहयोगी शिरोमणी अकाली दल पानी के मुद्दे पर चुप्पी रखेगा। इसे यू भी कहा जा सकता है कि अकाली दल का पानी के मुद्दे पर इनैलो को मूक समर्थन देगा।

इनैलो का घोषणा पत्र जारी
शनिवार को इनैलो द्वारा जारी अपने चुनाव घोषणा पत्र के विमोचन के अवसर पर पत्रकारों के प्रश्र के जवाब में पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष बीरबल दास ढालिया ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान अकाली दल इस मुद्दे को नहीं उठायेगा, इस बारे में आपसी सहमति बन चुकी है। ढालिया ने यह भी स्पष्ट किया कि अकाली दल के साथ उनका गठजोड़ सिर्फ विधान सभा चुनावों तक ही है।

सत्ता के लिए पलटा अकाली दल
इनैलो ने अपने घोषणा पत्र में वायदा किया है कि पार्टी की सरकार बनने पर सतलुज यमुना लिंक नहर का निर्माण करवाया जायेगा और राज्य के हिस्से का नदियों का जब राज्य में लाया जायेगा। यह मामला पंजाब और हरियाणा के मध्य कड़वाहट का मामला बना हुआ है। शिरोमणी अकाली दल पंजाब में किसी भी कीमत पर एसवाईएल का पानी हरियाणा को न देने की जबरदस्त वकालत कर रहा है। अब विधानसभा चुनाव में अकाली दल हरियाणा में वह इनैलो का साथी है और इसी गठजोड़ में वह तीन सीटों से चुनाव लड़ रहा है।