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मिट्टी के दीयों के नहीं मिल रहे खरीददार, इस बार भी फीकी बीत सकती है कुम्हारों की दिवाली

Sarweshwari Mishra

Publish: Oct 25, 2019 15:23 PM | Updated: Oct 25, 2019 15:23 PM

Chandauli

एक तो मौसम की बेरुखी ऊपर से चाइनीज सामानों की बाजार में भरमार के कारण मिट्टी के खिलौने और दीयों की बिक्री कम हो रही है

चंदौली. दीपावली रोशनी और खुशियों का त्योहार है लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार औऱ महंगाई की मार झेल रहे कुम्हारों के लिए दीपावली इस बार भी फीकी नजर होती आ रही है। एक तो मौसम की बेरुखी ऊपर से चाइनीज सामानों की बाजार में भरमार के कारण मिट्टी के खिलौने और दीयों की बिक्री कम हो रही है। जिससे मिट्टी के दीए और खिलौने बनाने वाले लोगों के घर में उदासी छाई हुई है। कुम्हारों को उम्मीद थी कि इस बार की दीपावली उनकी अच्छी होगी और उनके घर में रौनक लाएगी। लेकिन प्लास्टिक बंदी और बढ़ती महंगाई ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

दीपावली के दो सप्ताह पहले से ही कुम्हार मिट्टी के दीए खिलौने आदि बनाने में जुड़ जाते हैं। ताकि दीपावली से पहले वहीं स्टॉक कर सके और बाजार में पर्याप्त मात्रा में दीये और खिलौने सप्लाई कर सके। ताकि उनकी दीपावली भी रोशन हो सके और उनके परिवार में खुशियां आ सके। लेकिन महंगाई इस पर बज्रपात करती नजर आ रही है। एक तरफ जहां अच्छी मिट्टी की कीमत बढ़ती जा रही है। वहीं मिट्टी के दीए और खिलौने की शिकाई के लिए लगने वाले उपले भी महंगे होते जा रहे हैं।

उस पर से कोढ़ में खाज का काम कर रही है चाइनीज झालर और खिलौने। यहीं नहीं प्लास्टिक बंदी के बाद कुम्हारों को उम्मीद जगी थी कि उनके कुल्हड़ दिया की बिक्री बढ़ेगी। जिससे उनकी आमदनी में इजाफा होगा। लेकिन दीपावली से पहले मौसम की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बावजूद इसके हिम्मत कर कुम्हार लगातार दीये और खिलौने बनाने में जुटे हैं। ताकि दीपावली पर इन्हे बेचकर अपने परिवार को खुशियां दे सके और उनका घर भी खुशियों के दीपक से जगमग हो सके।

वहीं कुम्हारों का कहना है कि महंगाई के कारण उनकी आजीविका चलाना अब मुश्किल होता जा रहा है। ऊपर से चाइनीज वस्तुओं के बढ़ते प्रयोग से भी उनके व्यवसाय पर खासा असर पड़ा है। जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी उनको उम्मीद है की दीपावली पर उनके बनाए दिए और खिलौने लोग पसंद करेंगे और उनके घर में भी खुशियां लौटेंगी।

By-Santosh Jaiswal

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