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जानिये कौन है जूली, और कैसे जरायम की दुनिया में चला सिक्का

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Oct 15, 2019 16:00 PM | Updated: Oct 15, 2019 16:00 PM

Chandauli

पुलिस ने एक साल बाद जाकर किया गिरफ्तार।

चंदौली. पूर्वांचल और क्राइम का गहरा नाता रहा है। यहां एक से बढ़कर एक बाहुबली और दुर्दांत अपराधी हुए हैं, जिन्होंने पुलिस की नाक में दम किया है। यह सिलसिला अब भी उसी तरह जारी है। पुलिस एक बदमाश का काम तमाम करती है उसे सलाखों के पीछे पहुंचाती है तो कई और उसकी नाक में दम करने के लिये मैदान में होते हैं। इस सबसे पुलिस लगातार जूझती रहती है। ऐसे ही एक अपराधी को जूली को गिरफ्तार करने में पुलिस को कामयाबी मिली है।

जूली चंदौली के बबुरी थाने के टॉप टेन बदमाशों में से एक है। यहां तक कि उस के खिलाफ 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया गया। जूली का पूरा नाम संतोष विश्वकर्मा है और वह पड़ोसी जिले मिर्जापुर के जमालपुर का रहने वाला है। पैतृक क्षेत्र छोड़कर जूली चंदौली में जरायम की सीढ़ियां तेजी से चढ़ीं। यहां उसका नाम एक सभासद के बेटे कि किडनैप में भी आया। उसके खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई हुई और 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित हो गया।

पुलिस उसकी तलाश में थी और लगातार मुखबिर उसकी टोह ले रहे थे। आखिरकार एक दिन मुखबिर से सुराग मिला और दो दिन पहले बबुरी पुलिस ने चन्द्रप्रभा नदी के पुल से उसे धर दबोचा। वह बाइक से कहीं किसी वारदात अंजाम देने जा रहा था। पुलिस ने उसके पास से दो तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किया।

By Santosh Jaiswal