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निर्माणाधीन सरकारी अस्पताल का हाल, दरकती दीवार, छत, खराब टाइल्स, चारों ओर सीलन, कमिश्नर की जांच में खुली पोल

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Jan 21, 2020 15:12 PM | Updated: Jan 21, 2020 15:12 PM

Chandauli

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चंदौली. करोड़ों रुपये की लागत से बने सरकारी अस्पताल में किस कदर मानक को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से निर्माण कार्य किया गया है इसकी पोल उस वक्त खुल गयी जब खुद कमिश्नर वहां निरिक्षण करने पहुंच गए। वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने चंदौली की सदर तहसील अंतर्गत मैढ़ी गांव में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और परिसर में निर्माणाधीन आवासों का निरिक्षण करने पहुंचे तो निर्माण कार्य देखकर बिफर पड़े। उन्होंने उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस के इंजीनियर को जमकर फटकार लगायी।

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कमिश्नर के निरिक्षण के दौरान कमरे की खिड़कियां गड़बड़ मिलीं, तो टाइल्स भी खराब थे। शौचालय में निर्माण की अनियमितता साफ दिखी। कमरे की छत बराबर नहीं थी। नवनिर्मित भवन में चारों ओर सीलन नजर आ रही थी और पेंट भी छूटकर नीचे गिर रहा था। आस-पास के ग्रामीण उन्हें छत पर ले गए तो वहां का नजारा देखकर भी कमिश्नर नाराज हुए। छत की दीवार और फर्श दरक गया था। बताते चलें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और आवास 5 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से बन रहा है।

 

नाराज कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने चंदौली के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को किसी भी सूरत में अस्पताल का हैंडओवर न लेने का आदेश दिया। साथ ही इंजनियरों की टीम बनाकर पूरे निर्माण कार्य की जां कराने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने कहा की दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जो कमियां पायी गयी हैं उनकी भरपायी दोषियों और कांट्रैक्टरों से रिकवरी के रूप में की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था द्वारा ही धानापुर में महामाया पॉलिटेक्निक कॉलेज बनाया जा रहा है। वहां भी बड़े पैमाने पर निर्माण समाग्री की गुणवत्ता खराब पायी गयी थी। उस मामले में भी जांच चल रही है। इस मामले में भी कड़ी कार्रवाइ की जाएगी।

By Santosh Jaiswal

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