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गरीब रथ एक्सप्रेस हुई बेपटरी, ड्राइवर मुख्तार आलम ने सूझबूझ से टाल दिया बड़ा हादसा

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Jan 06, 2020 19:16 PM | Updated: Jan 06, 2020 19:16 PM

Chandauli

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चंदौली. लोको पायलट मुख्तार आलम की सूझबूझ के चलते रेलवे का एक बडा ट्रेन हादसा टल गया। आनंद बिहार से जयनगर जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस का का इंजन पटरी से उतरते ही उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। उन्होंने धीमी गति में ही ट्रेन रोककर बड़ा हादसा टाल दिया। ट्रेन का इंजन बेपटरी हो गया, लेकिन यात्रियों को इसका अंदाजा नहीं हुआ। इस घटना की सूचना मिलते अधिकारियों में खलबली मच गयी। मौके पर आला अधिकारी पहुंच गए। किसी तरह से बाद में ट्रेन को इंजन से अलगकर वापस प्लेटफॉर्म पर पहुंचाया गया। इसके बाद दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन आगे के लिये रवाना की गयी।

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आनंद विहार से जयनगर को जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस शनिवार को अपने तय समय रात के 2.20 बजे ये साढ़े 14 घंटे की देरी से अपने निर्धारित समय 4.47 बजे दिल्ली हावड़ा रूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) में प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची। 10 मिनट ठहराव के बाद ट्रेन शाम के पांच बजे आगे के लिये रवाना हुई। ट्रेन खुलने के बाद अभी कुछ ही आगे चली थी कि अचानक डायमंड क्रॉसिंग के नजदीक तेज झटका महसूस होने पर ड्राइवर मो. मुख्तार आलम ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दिया।

 

जब नीचे उतर कर देखा गया तो इंजन के आगे के तीन पहिये बेपटरी हो चुके थे। तत्काल लोको पायलट और सहायक चालक अजय कुमार ने कंट्रोल को सूचित किया। इसकी सूचना मिलते ही डीआरएम पंकज सक्सेना, एडीआरएम सेकेंड अतुल कुमार, सीनियर डीसीएम रूपेश कुमार, डीएन एसके राय सहित अधिकारी मौके पर पहुंच गए और वहां का मुआयना किया।

 

तत्काल ट्रेन को इंजन से अलग कर वापस प्लेटफॉर्म पर ले जाया गया। इसके बाद दूसरा इंजन जोड़कर ट्रेन को 7.15 बजे आगे के लिये रवाना किया गया। इस दौरान एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) की टीम भी मौके पर पहुंची और बेपटरी इंजन को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू की गयी।

लोको पायलट मो. मुख्तार आलम ने बताया कि गाड़ी खुलने के बाद जब उन्हें हल्का झटका लगा तो उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। उन्होंने कहा कि चूंकि स्पीड 10 किमी से भी कम थी इसलिये कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अगर स्पीड तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उनहोंने कि प्वाइंट की गड़बड़ी हैरूा फिर कोई और टेक्निकल फॉल्ट ये जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

By Santrosh jaiswal

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