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बोले चंदौली के किसान, समय से होती खरीद तो बारिश में न बर्बाद होती हमारी मेहनत

Ashish Kumar Shukla

Publish: Dec 14, 2019 16:23 PM | Updated: Dec 14, 2019 16:23 PM

Chandauli

दो दिन की बारिश में इन किसानों के छह महीने की मेहनत बर्बाद हो गई

चंदौली. किसानों की मेहनत का पैसा देने के लिए सरकार की तरफ से वादे तो हजार किये जाते हैं। लेकिन हकीकत ये है कि यूपी में जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण सैकड़ों किसानों के आंसू निकल रहे हैं।

दरअसल चंदौली जिले के नवीन कृषि मंडी में धान खरीद के लिए चार केन्द्र बनाए गये थे। आस-पास के सैकड़ों गांवों के किसानों को इन्ही केन्द्रों पर धान बेचना था। लेकिन हैरानी ये रही कि 15 नवंबर से ही यहां धान खरीद शुरू होने के बाद भी यहां किसानों के धान नहीं खरीदे जा सके। जिससे दो दिन की बारिश में इन किसानों के छह महीने की मेहनत बर्बाद हो गई।

पत्रिका से बातचीत में किसानों ने आरोप लगाया कि केन्द्र व्यवस्थापकों की मनमानी के कारण हमारे धान की खरीद नहीं की गई। जिससे हमारी मेहनत बारिश में भीग गई। बर्बादी का आलम ये है कि एक-एक किसानों के तकरीबन 500 कुंतल से अधिक धान भीग जाने से कई बड़े किसानों का बड़ा नुकसान हुआ है।

बाद वालों की हो गई खरीद हमारा नंबर ही नहीं आया

भारी मात्रा में धान भीग जाने से मायूस किसानों ने कहा कि हमारे साथ जान बूझकर धोखा किया गया। दरअसल धान बेचने के लिए सबसे पहले किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होता है। पहले आओ पहले पहले पाओ के आधार पर इन जिस किसान के रजिस्ट्रेशन पहले हुए होते हैं उनके धान की खरीद पहले की जाती है। लेकिन मायूस किसानों का आरोप है कि पहले टोकन मिल जाने के बाद भी केन्द्र व्यवस्थापकों ने अपने चहेतों लोगों के धान की खरीद पहले कर ली। जिस कारण केन्द्र के बाहर पड़े हमारे कट्टे बारिश की भेंट चढ़ गये। किसानों का आरोप है कि अगर समय से धान की खरीद कर ली गई होती तो हमारी मेहन बर्बाद न होती।

हार्वेस्टर से कटाई पर रोक भी बनी बड़ा कारण

वहीं पराली की समस्या को लेकर हार्वेस्टर से धान की कटाई पर रोक लगाये जाने से भी भारी तादात में किसान दुखी हैं। इनका कहना है कि अगर ये रोक नहीं लगी होती है हमारी उपज आसानी से बिक जाती और हमारे आने वाले दिन कष्ट में न रहते।

कमिश्नर ने लगाई केन्द्रों को फटकार

शुक्रवार को केन्द्र का जायजा लेने पहुंचे वाराणसी मंडल के कमिश्नर खुले में भीग रहे धान को देखा तो क्रय केंद्र कर्मचारियों अधिकारियों पर काफी नाराजगी जाहिर की । उन्होने खरीद न किये जाने पर जमकर फटकार लगाई। हालांकि मीडिया ने जब इस संबन्ध में उनसे सवाल किया तो उनका कहना था कि अकस्मात बारिश हो जाने के कारण धान भीग गये। कमिश्नर ने आदेश दिया है कि किसानों के जो धान भीग गये हैं उन्हे जल्द बरामद में फैलवाया जाय और जो सूखे धान हैं उनकी तत्काल खरीद की जाए।

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