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तलाक के आठ साल बाद इस घर के लिए खुदा बन गए सीओ, निकाह करा फिर बसाया घर

Sarweshwari Mishra

Publish: Aug 26, 2019 14:57 PM | Updated: Aug 26, 2019 14:57 PM

Chandauli

आठ साल पहले एक ही घर में दो बहनों की हुई थी शादी

चंदौली. देश में तीन तलाक का कानून बनने के बाद भी लोगों में इस कानून का डर नहीं है और आए दिन तीन तलाक के मामले सामने आते ही जा रहे हैं। इस बीच एक ऐसी खबर भी सामने आयी है जो अपने आप में एक मिशाल बनती दिख रही है। एक पुलिस अधिकारी के प्रयास ने आठ साल से अलग रह रहे दो दम्पतियों को मिलाया ही नहीं बल्कि दोनों परिवार के झगड़े को भी समाप्त करवाया। उस पुलिस अधिकारी ने मुस्लिम समाज के मानिन्द लोगों के समक्ष अपने कार्यालय में दोनों दम्पत्तियों का निकाह पढ़वाया और उन्हें खुशी-खुशी विदा किया।


दरअसल, मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के नाथूपुर के अशफाक की शादी कोतवाली के महमूदपुर के रईसा खातून व नाथूपुर की शबानी बेगम की शादी सैय्यद इनायतुल्लाह से एक दशक पूर्व हुई थी। जो आपस में भाई बहन भी है। लेकिन पिछले 8 वर्षों से पारिवारिक विवाद को लेकर अशफाक ने रईसा खातून को एक तलाक दे दिया । जिसके कारण दोनों परिवार में मनमुटाव शुरू हो गया है। दोनों परिवार अलग-अलग जीवन व्यतीत करने लगे। जबकि सैयद इनायतुल्लाह को एक पुत्र और अशफाक को तीन पुत्रियां भी हैं। कुछ दिनों पूर्व रईसा खातून ने इसकी शिकायत सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय से लिखित रूप से कर कार्यवाही की मांग की। लेकिन सीओ ने इसको गंभीरता से लेते हुए दोनों परिवारों को बुलाकर काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया । यह दौर कई दिनों तक चलता रहा और अंततः सीओ साहब का एक माह के प्रयास के बाद दोनों परिवार एक हो गए। रविवार को सीओ कार्यालय में कुछ सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ दोनों परिवारों को समझा-बुझाकर अलीनगर जामा मस्जिद के इमाम शमशेआलम द्वारा निकाह पढ़ा कर हंसी-खुशी दोनों परिवारों को विदा किया गया।


वही निकाह पढ़ाने वाले इमाम शम्शे आलम ने बताया कि दो पति पत्नी के बीच पिछले 8 साल से विवाद चला रहा था। एक लड़के ने एक तलाक दे दिया था। मामला काफी गंभीर हो चुका था। सीओ सदर त्रिपुरारी पांडे जी की मेहनत रंग लाई है। मैं उस वक्त बहुत भावुक हो गया जब मासूम बच्चों को देखा। अल्लाह सीओ साहब की उम्र में बरकत दें। उन्होंने बड़ी मेहनत करके दोनों परिवार को मिलाया है। आज उनका दोबारा निकाह हुआ है। मैंने दो गवाह एक वकालत और सीओ साहब की मौजूदगी में निकाह पढ़ाया । दोनों परिवारों में आपस में दोनों जोड़े में शादी हुई थी। गुलावट की एक जोड़ा ने तो तलाक दे दिया। लेकिन दूसरे ने तलाक नहीं दिया था बस दूरी बनाया हुआ था। जब तक हमारी बहन से शादी नहीं करेगा तब तक उसकी बहन को हम नहीं ले जाएंगे। शादी हो गई वह उसकी बहन को ले गए वह उसकी बहन को लेकर गया।


सीओ सदर ने बताया कि मुगलसराय थाना क्षेत्र के महमूदपुर के रहने वाले इनायतुल्ला और अशफाक अहमद इन दोनों की शादी एक दूसरे की बहन हुई थी। इनका आपस में अनबन हो गया था। जिसमें जिनमें से एक की तीन बिटिया है। जबकि एक का एक पुत्र है। दोनों की दरखास्त पड़ी दोनों परिवारों को बुलाया गया | समझा बुझा के मामले का समाधान कर हल कराया गया। इमाम साहब ने निकाह पढ़ाया और दोनों को राजी खुशी बिदा किया गया।