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झारखंड कांग्रेस ने दिया शाह ब्रदर्स के खनन घोटाले को लेकर एसीबी में मामला दर्ज करने का आवेदन

Prateek Saini

Publish: Nov 20, 2018 16:57 PM | Updated: Nov 20, 2018 16:57 PM

Chaibasa

कांग्रेस की ओर से शाह ब्रदर्स के 13 सौ करोड़ के खनन घोटाले में कांग्रेस ने महाधिवक्ता, विभागीय मंत्री (मुख्यमंत्री), जिला खनन पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से हुए राजस्व के नुकसान की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है...

(रांची,चाईबासा): झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार ने शाह ब्रदर्स के खनन घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में मामला दर्ज करने के लिए मंगलवार को एसीबी मुख्यालय पहुंच कर आवेदन दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने खनन घोटाला को लेकर झारखंड के महाधिवक्ता, चाईबासा के जिला खनन पदाधिकारी और अन्य वरीय अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।


झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से शाह ब्रदर्स खनन घोटाले में महाधिवक्ता अजीत कुमार, जिला खनन पदाधिकारी चाईबासा और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर भ्रष्टाचार अधिनियम ब्यूरो के एसपी को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया गया है। कांग्रेस की ओर से शाह ब्रदर्स के 13 सौ करोड़ के खनन घोटाले में कांग्रेस ने महाधिवक्ता, विभागीय मंत्री (मुख्यमंत्री), जिला खनन पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से हुए राजस्व के नुकसान की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

 

पार्टी की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि झारखंड उच्च न्यायालय में शाह ब्रदर्स के खनन पट्टे के नवीकरण और विखंडन से संबंधित रिट याचिका में महाधिवक्ता अजीत कुमार की सक्रिय सहभागिता की बातें सामने आई हैं।


डॉ कुमार ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण में झारखंड सरकार की किरकिरी हुई है, इसकी जांच जरूरी है। उच्च न्यायालय में सही तथ्य नहीं रखे जाने से शाह ब्रदर्स के पक्ष में फैसला आया है। इसमें शामिल सभी लोगों की साजिश को जनता तक लाने की आवश्यकता भी है। अपर मुख्य सचिव उदय प्रताप सिंह ने मामले पर 29.4.2016 को पत्रांक 1107 के जरिये तत्कालीन अपर महाधिवक्ता कुमार ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हुए शाह ब्रदर्स को लाभ पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने अपर महाधिवक्ता को पद से हटाने का आग्रह भी मुख्यमंत्री से किया था। पर उन्हें महाधिवक्ता बना दिया गया। अपर महाधिवक्ता की वजह से सरकार के खिलाफ उच्च न्यायालय का आदेश आया था।