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The Chaos Within : आशिमा चालिया

Divya Singhal

Publish: May 12, 2015 16:45 PM | Updated: May 12, 2015 16:45 PM

Books

बुक का कॉन्सेप्ट अच्छा है, कॉलेज का ये ग्रुप आपको भी अपनी कॉलेज के पलों को याद दिला देगा

अक्सर कॉलेज या स्कूल में आपका दोस्तों का ग्रुप जिंदगी की भागदौड़ में कहीं खो जाता है। कॉलेज खत्म होने के बाद सब अपनी जिंदगी में इतने बिजी हो जाते हैं कि उन लोगों को ही भूल जाते हैं, जिनके साथ उन्होंने इतना वक्त गुजारा था। लेकिन जब वह आपको फिर से मिलते हैं तब तक जिंदगी नई करवट ले चुकी होती है। ऎसी ही कहानी है आशिमा चालिया की "The Chaos Within"

ये बुक 5 दोस्तों कृष, सम्राट, कबीर, माही और कामाक्षी की कहानी है, जो कभी अपने बैच का सबसे कूल और शैतान ग्रुप हुआ करता था। पढ़ाई के बाद सब आगे बढ़ गए और जिंदगी से जो वे चाहते थे पैसा, फेम, पावर, प्यार सब उन्हें मिल गया, लेकिन फिर भी कुछ कमी थी। ये सभी दोस्त जब अपने कॉलेज की रीयूनियन पार्टी में मिलते हैं, तो अपनी-अपनी दास्तान सुनाते हैं। ये दास्तान बताती है कि कौन अपनी जिंदगी में कैसी परस्थिति झेल रहा है।

बुक का कॉन्सेप्ट अच्छा है, कॉलेज का ये ग्रुप आपको भी अपनी कॉलेज के पलों को याद दिला देगा। बुक के कैरेक्टर्स से आप कहीं ना कहीं खुद को रिलेट पाएंगे। उनके बीच की दोस्ती को भी इसमें काफी सहज तरीके से दर्शाया गया है। बुक का सबसे वीक प्वाइंट है, इसका अंत। बुक का एंड काफी स्ट्रेट और फीका किया गया है। बुक पढ़ते-पढ़ते आप इसके अंत को भी इंटरेस्टिंग सोचेंगे, लेकिन एंड में बुक बहुत डल प्वाइंट पर आकर खत्म होती है। लेकिन इसके सारे कैरेक्टर्स बुक को जीवंत बनाते हैं। इन सब में अपना एक अलग चार्म है। बुक दोस्ती जैसे सब्जेक्ट पर है, इसलिए इसे एक बार पढ़ा जा सकता है।