स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

तबादला सूची में बिलासपुर पहुंचे शिक्षकों की संख्या सैकड़ा पार फिर भी 80 से अधिक पद रिक्त

kranti namdev

Publish: Nov 20, 2019 11:29 AM | Updated: Nov 20, 2019 11:29 AM

Bilaspur

राज्य सरकार ने पूर्व में तबादला सूची जारी करते हुए भारी संख्या में शिक्षकों के तबादला आदेश जारी किया है।

बिलासपुर. राज्य सरकार ने पूर्व में तबादला सूची जारी करते हुए भारी संख्या में शिक्षकों के तबादला आदेश जारी किया है। आदेश के बाद बिलासपुर जिले में 100 से अधिक शिक्षक तबादले के बाद पहुंचे तो लेकिन अधिकांश ने ज्वाईन करने से ही इंकार कर दिया। इसके चलते हालात यह है कि जिले के पुराने विकास खंड़ों गौरेला पेंड्रा व मरवाही में मिडिल व प्रायमरी स्कूल मिलाकर 80 से अधिक पद रिक्त है। तबादले के बाद शहर पहुंचे शिक्षक को तनख्ह मिल सके इसके लिए अन्य विभाग में अटैच कर तत्कालिन व्यवस्था करने के साथ ही अतिरिक्त बचे शिक्षकों जिले में शिक्षकों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने थोक के भाव तबादला सूची कर जिले में सौ से अधिक शिक्षकों का तबादला आदेश जारी कर दिया। तबादला आदेश आने के बाद जो शिक्षक पहले पहुंचा विभाग ने उसे ज्वाईनिंग भी दे दी। लेकिन कुछ ही दिनों में पता चला की एक ही विषय के दो या उससे अधिक शिक्षकों का जिले में तबादला किया गया है। जिला शिक्षा आधिकारी के आदेश पर अतिरिक्त शिक्षकों को पदस्थाना के लिए जिस जगह पर पदभार सौंपा जा रहा है वह स्थान दूर होने के कारण अधिकांश शिक्षक जाने से किनारा कर चुके है वही बचे हुए शिक्षक भी दूर दराज के गांव में जाना नहीं चाहते। बचे हुए अतिरिक्त शिक्षकों की संख्या कितनी है और कितने शिक्षकों को किस विभाग में अटैच किया गया है इसका आकड़ा न तो जिला शिक्षा अधिकारी बता पा रहे है और न ही उनके अधिनस्त कर्मचारी केवल सत प्रतिशत पदस्थाना का हवाला ही दिया जा रहा है। तो दूसरी तरह ब्लॉक स्तर पर अगर देखा जाए तो पेंड्रा, मरवाही व गौरेला में शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों का भविष्य अधर में अटका हुआ है।

राज्य शासन से मांगी गई है गाईड लाइन

जिले में अतिरिक्त शिक्षको की संख्या सौ से अधिक है इनकी पदस्थाना के लिए जिला शिक्षा विभाग और उनका विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। लेकिन पदस्थाना दूर दराज के क्षेत्र में होने के कारण अधिकांश शिक्षक अपने मूल स्थान जहां से तबादला होकर आए है वह वापस जाने की मांग कर रहे है। ऐसे शिक्षकों को लेकर कसमकस में फसे शिक्षा विभाग ने शासन स्तर पर गाईड लाइन मांगने की बात कही है।

प्रायमरी व मिडिल स्कूल में 80 से अधिक पद रिक्त

गौरेला, पेंड्रा व मरवाही में स्थित प्रायमरी व मिडिल में ही शिक्षकों की रिक्त संख्या 80 से अधिक है। अगर हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल को जोड़ दिया जाए तो यह आकंड़ा सौ को पार कर जाएगा। वर्तमान समय जिले में रिक्त पद होने के बाद भी तीनों ब्लाकों में शिक्षकों की कमी को दूर करना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।

जिले में तबादला होकर पहुंचे शिक्षकों जगह रिक्त होने के कारण अन्य विभाग में अटैच कर पदभार ग्रहण कराया गया है। अतिरिक्त शिक्षकों को लेकर शासन स्तर पर भी गाईड लाइन की मांग की गई है।

आरएन हीराधर, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर,

गौरेला, मरवाही व पेंड्रा ब्लॉक के प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद है। दूर दराज क्षेत्र होने का कारण कोई यहां आना नहीं चाहता। शिक्षकों की मांग लम्बे समय से जिला शिक्षा अधिकारी से की गई है।

एमएल पटेल, खंड शिक्षा अधिकारी गौरेला

[MORE_ADVERTISE1]