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डेढ़ साल से सिम्स का सीटी स्कैन मशीन ठप, ग्लोबल टेंडर के बाद ईपरचेजिंग का फंडा

Murari Soni

Publish: Sep 20, 2019 13:14 PM | Updated: Sep 20, 2019 13:14 PM

Bilaspur

जांच के अभाव में हो रही मौतें, स्वास्थ्य मंत्री के गृहनगर अंबिकापुर में शुरू, बिलासपुर का लटका

बिलासपुर. सिम्स का सीटी स्कैन मशीन करीब डेढ साल से ठप पड़ा है। जिला प्रशासन की मांग पर एसईसीएल प्रबंधन ने सीएसआर मद से मशीन क्रय करने की सहमति दे दी है, सिम्स और जिला प्रशासन के अफसर ग्लोबल टेंडर के बाद अब ई परचेंजिंग का फंडा बता रहे हैं। इधर जांच और समुचित उपचार की व्यवस्था न होने के कारण सड़क हादसे में घायल मरीजों की रोजाना मौत हो रही है।
सिम्स की स्थापना के समय शासन ने जिला अस्पताल को सीटी स्कैन मशीन प्रदाय किया था। सीमेंस कंपनी की यह मशीन करीब डेढ साल पहले ही अपना काल पूरा कर कालातीत हो चुकी है। सिम्स में डीन, अधीक्षक और 7 सहायक अधीक्षक हैं, परंतु इसके लिए आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
सिम्स में रोजाना सड़क हादसे से घायल 8-10 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, सीटी स्कैन की सुविधा न होने के कारण परिजन वाहन की व्यवस्था कर अपने मरीजों को जांच के लिए निजी संस्थानों में ले जा रहे हैं। इसके अलावा गंभीर और बीमार मरीजों को भी जांच के लिए निजी संस्थानों में ले जाना पड़ रहा है। जांच और समुचित उपचार के अभाव में सिम्स में रोजाना घायल मरीजों की मौत हो रही है।
सिम्स प्रशासन की मांग पर जिला प्रशासन ने पहल करते हुए एसईसीएल से एसईसीआर मद से सिम्स के लिए सीटी स्कैन मशीन की मांग की जिसे एसईसीएल ने मंजूरी प्रदान कर दी है। सिम्स प्रबंधन से सीजीएसएससी से मशीन खरीदने की कार्ययोजना बनाकर एसईसीएल के समक्ष प्रस्तुत किया परंतु एसईसीएल प्रबंधन ने सीजीएमएससी से मशीन खरीदी के लिए अनुमति नहीं दी। इसके बाद सिम्स प्रशासन के अफसर मशीन की खरीदी के लिए ग्लोबल टेंडर और अब ई परचेजिंग का फंडा बता रहे हैं जिससे यहां मरीजों की जान का जोखिम बना हुआ है।
निजी संस्थानों के एम्बुलेंस का डेरा
स्थापना के 19 साल बाद भी सिम्स में समुचित चिकित्सा सुविधा न होने का दंश अंचलवासियों को भुगतना पड़ रहा है। सिम्स में सीटी स्कैन मशीन ठप है निजी संस्थानों के एम्बुलेंस यहां पूरे दिन मरीजों को सिटी स्केन के लिए जाने ले जाने का काम कर रहे हैं। सोनोग्राफी यूनिट का भी यही हाल है यहां रेलवे की तरह बुकिंग कर मरीजों को सोनोग्राफी जांच के लिए एक से डेढ़ माह का वेटिंग दिया जा रहा है।

सीटी स्केन मशीन के लिए ई परचेंसिंग की प्रकिया कर ली गई है, डीएमई को इसके लिए एस्टीमेट समेत पूरा प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहां से मशीन की खरीदी के लिए दो तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जा रही है इसके जल्द से जल्द सीटी स्कैन मशीन की खरीदी कर यहां जांच की सुविधा शुरू कराई जाएगी। कितना समय लगेगा यह बताना संभव नहीं है प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. विवेक शर्मा, उपचिकित्सा अधीक्षक, सिम्स