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हवाई सेवा को लेकर पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकारी, सिविल

Rajeev Dwivedi

Publish: Nov 17, 2019 20:42 PM | Updated: Nov 17, 2019 20:42 PM

Bilaspur

एविएशन, एयरपोर्ट अथारिटी व राज्य शासन को नोटिस, 12 दिंसबर को होगी सुनवाई

बिलासपुर. चकरभाठा से हवाई सेवा शुरु किए जाने को लेकर दायर की गई पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए सिविल एविएशन स्टेट, एयरपोर्ट अथारिटी आफ इँडिया व राज्य शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। मामले की आगामी सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। सीजे पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में याचिकाकर्ता कमल दुबे की ओर अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव द्वारा गुरुवार को पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत की गई। उक्त याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर को चकरभाठा एयरपोर्ट का कमर्शियल फ्लाइट लायसेंस मिलने के बाद याचिकाकर्ता कमल दुबे की जनहित याचिका को निराकृत कर दिया था। हाईकोर्ट को ऐसा प्रतीत हुआ कि लायसेंस मिलने के बाद हवाई सेवा शुरु होना महज कुछ वक्त की बात है, लिहाजा याचिका का कोई मतलब नहीं है। लेकिन कमर्शियल फ्लाइट का लायसेंस मिलने के 11 महीने से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के बाद आज दिनांक तक हवाई सेवा शुरु नहीं हो पाई है। साथ ही शासन द्वारा भी इस दिशा में कुछ प्रयास किया जाना प्रतीत नहीं हो रहा है। लिहाजा निराकृत की गई याचिका को रिस्टोर किया जाए। याचिका में ये भी बताया गया है कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार चकरभाठा से हवाई सेवा के लिए जो लायसेंस डायरेक्टोरेट जनरल आफ सिविल एविएशन द्वारा जारी की गई थी, वो 2 सी कैटेगिरी की थी। इसकी अधिकतम यात्री क्षमता 20 पैसेंजरों की होती है। राज्य शासन द्वारा डीजीसीए को भी जो आवेदन दिया गया था, वो 2 सी कैटेगिरी के लिए था। जबकि याचिकाकर्ता कमल दुबे की ओर से इंटरस्टेट एयर सर्विस शुरु किए जाने की मांग की गई थी। इसके तहत चकरभाठा एयरपोर्ट को 4 सी लायसेंस की जरुरत होगी। उक्त लायसेंस के बाद ही डोमेस्टिक व इंटरस्टेट विमान सेवा शुरु की जा सकती है, जिसमें बोइंग व एयरबस जैसे बड़े विमानों के उड़ान भरने की अनुमति होती है। सीजे मेनन की युगलपीठ ने अधिवक्ता श्रीवास्तव की तर्कों से सहमत होने के बाद पुनर्विचार याचिका को स्वीकार करते हुए संशोधन के साथ प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। साथ ही राज्य शासन, सिविल एविएशन स्टेट व एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। याचिका मेें एसईसीएल, एसईसीआर, एनटीपीसी, सीएमपीडीआई जैसे बड़े संस्थानों व प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर होने का का हवाला देते हुए इंटरस्टेट एयर सर्विस शुरु किए जाने की मांग की गई है। साथ ही रायपुर से फ्लाइट लेने के लिए शहरवासियों के चार घंटा खराब होने का हवाला देते हुए चकरभाठा से इंटरस्टेट सेवा जल्द शुरु किए जाने की मांग दोहराई गई है। अब इस मामले में 12 दिसंबर को सुनवाई होगी।

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