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दर्द होता तो कराह उठता था गरीब का लाडला, फिर डॉक्टरों ने लड़के के पेट से निकाली ऐसी चीज कि देखने वालों ने दांतों तले उंगलियाँ दबा लीं

Murari Soni

Publish: Nov 30, 2019 21:49 PM | Updated: Nov 30, 2019 21:49 PM

Bilaspur

मासूम के इलाज कराने परिवार के पास नहीं थे रुपए 10 साल सहता रहा दर्द

बिलासपुर. मासूम बच्चे को 2 साल की उम्र में पथरी हो गई परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अस्पताल में उसका उपचार नहीं कराया गया 10 साल तक पथरी के कारण बालक दर्द सहता रहा दर्द बढऩे पर उसे परिजनों ने सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया सिम्स के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके शरीर से 7 सेंटीमीटर की पथरी निकाली जिसके बाद मासूम की हालत अब सामान्य है।
हिर्री क्षेत्र के ग्राम मोहदा रामचरण के बेटा करण निषाद 13 वर्ष कक्षा छठवीं का छात्र है उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी किसी तरह पूरे परिवार का जीवन यापन हो रहा था बच्चा जब 2 साल का था तब उसे पेट में दर्द रहता था वही उसे यूरिन भी रुक रुक कर होता था लेकिन गरीबी के कारण परिवार उसका उपचार किसी अस्पताल में कराने में असमर्थ था गांव के ही बैगा से मासूम का इलाज कराया जा रहा था वही करीब 10 साल तक दर्द की दवा खाकर किसी तरह बच्चा तकलीफ सहता रहा लेकिन पिछले कुछ दिनों से मासूम के पेट में तेज दर्द होने लगा था वही उसे ठीक से यूरीन भी नहीं हो रहा थी।

इसके चलते परिजन 4 दिन पहले उसे लेकर सिम्स पहुंचे और अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टर बालक के इलाज में जुट गए। जांच के दौरान पता चला कि उसे पथरी है सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज शेण्डे के नेतृत्व में डॉ. विनोद तामकनंद, डॉ चुन्नूलाल द्बारा 7 सेंटीमीटर बड़े पथरी को निकाला गया, आपरेशन के दौरान निश्चेतना विभाग के डॉ. राकेश निगम, डॉ सुरभि और टीम मौजूद रही। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत सामान्य है।

13 वर्ष के बच्चे को 7 से.मी की पथरी
सिम्स के डॉक्टरों के अनुसार 13 वर्षीय बच्चे को 7 सेंटीमीटर की पथरी होने की घटना काफी गंभीर होती है बच्चे तो दूर बड़ेे में भी इतना बड़ा स्टोन नहीं पाया जाता है ऑपरेशन के बाद डॉक्टर खुद हैरान थे कि इतनी बड़ी पथरी के साथ मासूम कैसे इतने साल तक दर्द सहता रहा।

स्मार्टकार्ड से हुआ ईलाज
गरीब परीवार बच्चे के इलाज को लेकर चिंतित था लेकिन शासन की आयुष्मान भारत योजनाके माध्यम से ही सिम्स में बच्चे का ऑपरेशन किया गया, जिसकी वजह से मरीज के परिवार को आर्थिक समस्या से जूझना नही पड़ा बच्चे के जांच से लेकिर ऑपरेशन में लगने वाली सभी सामाग्री का खर्च आयुष्मान कार्ड के माध्यम से भुगतान किया गया।

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