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अपने बूथों पर हारे कांग्रेस नेता ,सात भाजपा तो एक कांग्रेस जीती, बिलासपुर में सबसे बड़ा नुकसान, पढ़ें पूरी समीक्षा

Anil Kumar Srivas

Publish: May 28, 2019 11:28 AM | Updated: May 28, 2019 11:28 AM

Bilaspur

विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देने वाली कांग्रेस पार्टी लोकसभा में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई

बिलासपुर. विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देने वाली कांग्रेस पार्टी लोकसभा में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। लोकसभा के मतगणना के बाद कांग्रेस नेताओं के बूथों की स्थिति को देखें तो सात बूथ पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, वहीं एक बूथ पर जीत हासिल की है। लोकसभा के आठ विधानसभा में से एक ही विधानसभा में कांग्रेस चुनाव जीत पाई है। बिलासपुर लोकसभा में आठ विधानसभा आते हैं। इसमें से बिलासपुर व तखतपुर में कांग्रेस के विधायक हैं। चार जगह पर भाजपा दो में जोगी कांग्रेस का कब्जा है। शहर विधायक शैलेष पाण्डेय अपने बूथ पर कांग्रेस को नहीं जीता सके। कांग्रेस को 321 और भाजपा को 586 मत मिले हैं। पाण्डेय के बूथ से भाजपा को 256 वोट अधिक मिले हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस सीट को जीती है, वहीं लोकसभा में हार का बड़ा अंतर मंथन का विषय बन गया है। वहीं तखतपुर विधायक रश्मि सिंह के बूथ से कांग्रेस को 264 भाजपा को 378 वोट से बढ़त मिली है। यहां से भाजपा को 114 वोट का फायदा हुआ है। विधानसभा में जीत का मार्जिंग कम रहा है, वहीं लोकसभा में हार का फासला ज्यादा हो गया है। इसके बाद बिल्हा विधानसभा में कांग्रेस 369 और भाजपा 549 को मिले हैं। यहां जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मेहनत किया तो विधानसभा का मार्जिंग लोकसभा में लगभग 17 हजार कम है। कोटा में कांग्रेस को 282 तो कांग्रेस को 385 मत मिले हैं। तखतपुर व बेलतरा का भी यही हाल लोकसभा के आठ विधानसभा में मस्तूरी ही एक ऐसा विधानसभा है जहां से कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्स्तव 619 वोट मिले हैं, यहां भाजपा के अरुण साव को 38 वोट मिले हैं। इसके बाद सभी विधानसभा हार गए हैं।

बिलासपुर में सबसे बड़ा नुकसान
कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव को बिलासपुर विधानसभा सीट से बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। यहां कांग्रेस को 40484 वोट से हार का सामना करना पड़ा है। शहर में चुनाव प्रचार के लिए दिग्गज नेता लगे थे इसके बावजूद इतनी बड़ी हार के बाद नेता जवाब देने के बाद खामोश हैं।

बिल्हा नहीं सम्भल रहा
विधानसभा चुनाव का खाई पाटने के लिए जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी सियाराम को कांग्रेस में शाामिल किया। विधानसभा चुनाव में 29 हजार के गड्डा को पाटकर 10 हजार में लाया गया, लेकिन तिफरा में विधानसभा के तर्ज पर करारी हार मिली है। बताया जाता है विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी रहे राजेन्द्र शुक्ला घर में बड़ी हार मिली है।

दोनो में इज्जत बची
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पूर्व विधायक दिलीप लहरिया अपने गांव धनगवां में हार गए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में अटल श्रीवास्तव को अटल श्रीवास्स्तव 619 वोट, भाजपा के अरुण साव को 38 मात्र वोट मिले हैं। लोकसभा के 8 सीट में से मस्तूरी ही एक ऐसा सीट है जिसे कांग्रेस जीती है।

प्रत्याशी (विस ) कांग्रेस भाजपा
शैलेष पाण्डेय बिलासपुर 321 586
रश्मि सिंह तखतपुर 264 378
राजेन्द्र शुक्ला बिल्हा 369 549
शत्रुहन चंद्राकर लोरमी 146 300
विभोर सिंह कोटा 282 385
दिलीप लहरिया मस्तूरी 619 38
राजेन्द्र साहू बेलतरा 191 372