स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

एक भाजपा प्रत्याशी की विडंबना, चना है तो दांत नहीं और दांत है तो चना नहीं

Murari Soni

Publish: Dec 05, 2019 13:26 PM | Updated: Dec 05, 2019 13:26 PM

Bilaspur

Chhattisgarh civic polls: ले देकर वार्ड से पार्षद चुनाव के लिए टिकट मिला तो विरोध शुरू हो गया। विरोधी खेमे के लोग पूर्व मंत्री का बंगला घेरने पहुंच गए।

बिलासपुर. एक भाजपा प्रत्याशी की विडंबना तो देखिए उसकी स्थिति चना है तो दांत नहीं और दांत है तो चना नहीं जैसे हो गई। ले देकर वार्ड से पार्षद चुनाव के लिए टिकट मिला तो विरोध शुरू हो गया। विरोधी खेमे के लोग पूर्व मंत्री का बंगला घेरने पहुंच गए। द्युमंतु बाबा भी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि जिस महिला को पार्षद का प्रत्याशी बनाया गया है उसके पास वोटर आईडी तो है परंतु वोटर लिस्ट में उसका नाम ही नहीं है। बताया जाता है कि नाम जोडऩे काटने के दौरान किसी ने गणित कर दिया। बताया जा रहा है कि यही वजह है कि मुद्दा बड़ा हो गया कयास का दौर जारी है कि इस वार्ड से प्रत्याशी बदला जाएगा। गुरुवार को नामांकन के पहले इस वार्ड और एक रूके वार्ड के प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी।

क्या एक भी एल्डरमेन योग्य नहीं

पूर्व मंत्री के करीबी और स्टार प्रचारक की भूमिका में रहने वाले एक भी एल्डरमेन को इच्छा के बावजूद किसी भी वार्ड से टिकट नहीं दी गई। इसको लेकर भी पार्टी के ही असंतुष्ट कानाफूसी कर रहे हैं ये देखिए पूर्व मंत्री के अभा मंडल में शामिल एक भी स्टार प्रचारक एल्डरमेन योग्य नहीं है तभी तो पार्टी ने किसी एक को भी कहीं से टिकट नहीं दिया।

कहीं एक्सचेंज ऑफर तो नहीं है

चर्चा है कि भाजपा ने एक वार्ड जहां से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की दावेदारी है वहीं की टिकट रोक रखी है। कहा जा रहा है कि भाजपा ने कहीं एक्सचेंज ऑफर के चलते तो यह सीट नहीं रोक रखी है कि कि पूर्व सीनियर पार्षद और एमआईसी सदस्य व्ही रामाराव के जाने के बाद भाजपा को भी किसी असंतुष्ट कांग्रेसी का इंतजार तो नहीं है जो वहां टिकट न मिला तो यहां का दरवाजा खटखटा दे। इसके अलावा रात्रि में सक्रिय रहने वाले एक भाजपा नेता का भी नाम इस वार्ड से चर्चा में है ऐसा बताया जा रहा है।

[MORE_ADVERTISE1]