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मुफ्त में पांच लाख तक का इलाज वाली आयुष्मान योजना से क्यों नहीं हो पा रहा गरीबों का इलाज, ये है वजह

Murari Soni

Publish: Oct 21, 2019 11:43 AM | Updated: Oct 21, 2019 11:43 AM

Bilaspur

ayushman scheme india: आयुष्मान से इलाज के बाद बीमा कंपनी ने अस्पतालों के 12 करोड़ रोके

बिलासपुर. आयुष्मान भारत के तहत उपचार एक बार फिर रुक सकता है। इसकी वजह है कि बीमा कंपनी ने निजी अस्पतालों के लगभग 12 करोड़ रुपए के क्लेम को रोक दिया है। इसमें जिले के 40 नîॢसग होम के साथ 50 आई व डेंटल हॉस्पिटल शामिल हैं।
प्रदेश में लागू आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों का उपचार करने वाले शासकीय और निजी अस्पतालों को बीमा कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा। शासन से प्रीमियम की पूरी राशि मिलने के बाद भी अस्पतालों की उपचार की राशि रोक दी गई है। आयुष्मान भारत के तहत उपचार कराने के बाद निजी हॉस्पिटलों को क्लेम की राशि बीमा कंपनी रेलिगेयर जारी करती है। पिछले कुछ महीनों से मामूली खामियों की वजह से क्लेम का भुगतान रोका जा रहा है। इससे आयुष्मान योजना के तहत उपचार करने वाले अस्पतालों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

इस बार भी निजी के साथ शासकीय अस्पतालों में भी किए गए उपचार के भुगतान की समस्या आन खड़ी हुई है। जिले में संचालित प्राइवेट हॉस्पिटल को विगत एक महीनों से क्लेम राशि का भुगतान नहीं हुआ है। यह राशि अब तक 12 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है जिसके भुगतान के लिए रेलीगेयर बीमा कंपनी द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 50 डेंटल हॉस्पिटल और 40 निजी हॉस्पिटल पंजीकृत हैं जिनके द्वारा अब तक सैकड़ों की संख्या में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज किया गया है लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने की वजह से हॉस्पिटल प्रबंधन में काफी रोष है।

भुगतान के लिए सीएमएचओ से की शिकायत
यह समस्या प्रदेश के बाद अब जिले के प्राइवेट अस्पतालों के लिए भी सिरदर्द साबित हो रहीा है। इसके चलते निजी अस्पताल के संचालक सीएमएचओ से लगातार शिकायत कर रहे हैं जिसके बाद मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी ने रेलीगेयर बीमा कंपनी को जल्द ही भुगतान करने को कहा है। वहीं भुगतान नहीं होने से जिले के डेंटल हॉस्पिटलों में दंत रोग से संबंधित इलाज भी बंद हो गया है जिससे मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

ये वजह बताकर रोक रहे क्लेम
- कागजात में गलती होना।
- नियमानुसार मरीज की पूरी जानकारी न देना।
- मरीज की फोटो में आंख खुली न होना।
- तय समय के बाद मरीज का रजिस्ट्रेशन करना।
- मरीज के उपचार की अनुमति न लेना।
- बीमारी से संबंधित अधूरी जानकारी देना।
- क्लेम फाइल में जानकारी का अभाव।

आयुष्मान भारत के उपचार करने वाले निजी अस्पतालों के संचालकों ने क्लेम राशि जारी करवाने की मांग की है। 40 नर्सिंग होम के अलावा 50 आई और डेंटल हॉस्पिटल ने लगभग 12 करोड़ रुपये बकाया होने की जानकारी है।
डॉ. प्रमोद महाजन, सीएमएचओ