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महिला एवं बाल उत्पीड़न अपराधों को रोकेगी विशेष शाखा, हर जिले में गठित होगी यूनिट

Santosh Kumar Trivedi

Publish: Aug 14, 2019 12:21 PM | Updated: Aug 15, 2019 17:03 PM

Bikaner

राजस्थान में महिला एवं बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमन (एसआइयूसीएडब्ल्यू) रोकेगी। राज्य के प्रत्येक जिले में इस शाखा की यूनिट गठित होगी।

बीकानेर। राजस्थान में महिला एवं बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमन (एसआइयूसीएडब्ल्यू) रोकेगी। राज्य के प्रत्येक जिले में इस शाखा की यूनिट गठित होगी। जिला स्तर पर प्रत्येक यूनिट में एक पुलिस उप अधीक्षक, दो पुलिस निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, एक हैडकांस्टेबल और दो कांस्टेबल को शामिल किया गया हैं।

 

इन पदों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्रसिंह ने एक परिपत्र जारी कर प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमैन के संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिपत्र में बताया है कि अब जिलों में महिला यौन अपराध निवारण प्रकोष्ठ में सृजित सभी पदों को सीआइयूसीएडब्ल्यू में समायोजित कर दिया गया है। इस समायोजन के बाद अब महिला यौन अपराध निवारण प्रकोष्ठ की बजाय स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमैन काम करेगी।

 

यह होंगे प्रभारी
रेंज एवं आयुक्तालय स्तर पर कार्यरत पुलिस सहायता परामर्श केन्द्र पर पदस्थापित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीआइयूसीएडब्लयू के प्रभारी होंगे। एसआइयूवीएडब्लयू, एजेपीयू, सेल फॉर सीनियर सिटीजन, एएचटी प्रकोष्ठ कार्य करेंगे। जिलास्तर पर उप अधीक्षक पुलिस प्रभारी होंगे।

 

एसआइयूसीएडब्लयू के कार्य
- महिला संबंधी अपराध जैसे गैंगरेप, बलात्कार, दहेज हत्या, दहेज प्रताडऩा के माध्यम से आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, सोशल मीडिया पर धमकाकर कोई अपराध करना, छेड़छाड़ को लेकर गंभीर प्रकृति का अपराध, महिलाओं के संबंध में साइबर अपराध आदि की रोकथाम को लेकर काम करना।
- पोक्सो एक्ट के तहत धारा 376 ए एवं 376 बी में अपराधों का अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण करना।
- एफआर की सूरत में पोक्सो एवं गैंगरेप के चर्चित प्रकरणों का पर्यवेक्षण।
- महिला थाना का पर्यवेक्षण।

 

एसजेपीयू के कार्य
- विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) का जिलास्तर पर एसआइयूसीएडब्लयू के प्रभारी अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। इस यूनिट का कार्य प्रत्येक थाने में कार्यरत बाल कल्याण अधिकारी (एएसआइ स्तर) नियुक्त है। जिला नोडल अधिकारी को पाक्षिक/मासिक सूचना देना।
- विधि से संघर्षरत, देखभाल व संरक्षण की जरूरत वाले बालकों तथा पीडि़त बच्चों के उपचार, विकास एवं पुनर्वास संबंधी कार्य करना।
- बच्चों के माध्यम से मादक पदार्थों के क्रय-विक्रय, भिक्षावृति के कार्य को रोकने का काम।

 

सेल फॉर सीनियर सिटीजन के कार्य
- थानों में महिला परामर्श डेस्क/बाल कल्याण अधिकारी के डेस्क पर सहायक उप निरीक्षक थानास्तर पर इस सेल का नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। नोडल अधिकारी जिलास्तरीय नोडल अधिकारी को रिपोर्ट करेगा।
- वरिष्ठ नागरिकों के परिवाद व समस्याओं को स्थानीय पुलिस संज्ञान में लोकर उनका त्वरित निस्तारण करवाना।
- वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए सामुदायिक पुलिसिंग, गैर सरकारी संगठनों एवं अन्य कल्याण समूहों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराना।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर उनकी देखभाल करना एवं उनकी समस्याओं का समाधान कराना।

 

एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग का कार्य
- मानव तस्करी रोकने एवं गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश कर पुनर्वास कराना।
- बाल मजदूरी व बालश्रम को रोकना व जन संस्थानों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करना।