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पाकिस्तान की तरफ से फिर आया टिड्डी दल

Atul Acharya

Publish: Sep 11, 2019 08:25 AM | Updated: Sep 10, 2019 20:34 PM

Bikaner

bikaner news- हवा ने रुख बदला : फसलों में नुकसान की आशंका, किसान चिंतित

 

बीकानेर. हवा का रुख बदलने के साथ ही पाकिस्तान की तरफ से टिड्डी दल ने एक बार फिर सीमा से लगते जिलों में खड़ी फसल पर धावा बोल दिया है। इससे फसलों को ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। एेसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं कृषि विभाग भी हरकत में आ गया है। टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए टीमों का गठन किया गया है।

वर्तमान में बीकानेर जिले की श्रीकोलायत तहसील के गांव गज्जेवाला, महाजन, बीकमपुर, 465 आरडी के साथ ही जैसलमेर में टिड्डी दल पहुंचा है। कृषि विभाग ने बीकानेर जिले में 440 चिह्नित स्थानों पर 12420 हैक्टेयर क्षेत्र में नियंत्रण किया है, इसी तरह जैसलमेर में 1142 स्थानों पर 76215 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों को नियंत्रित करने का दावा विभाग ने किया है।

खराबे की है चिन्ता

कृषि जानकारों के अनुसार जून-जुलाई में जब टिड्डी दल आया था, तो वह प्रजनन समय था। उस समय दिए अंडों में से निकले छोटे बच्चे (फाका) खड़ी फसल के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इससे कृषि विभाग भी चिन्तित है। बताया जा रहा है कि फाका उडऩे की बजाय रेंगकर या उछलकर खड़ी फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कृषि विभाग ने दिए सुझाव

कृषि विभाग के अनुसार खेतों में यदि टिड्डियों का हमला होता है, तो काश्तकार अपने खेतों में क्लोरपाइरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी 1.2 लीटर प्रति हैक्टेयर एवं क्लोरपाइरीफॉस 50 प्रतिशत ईसी 480 मिली प्रति हैक्टेयर 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करके नियंत्रण कर सकते हैं। कृषि विभाग की टीम ने जैसलमेर में 53,170 लीटर मैलाथियान के छिड़काव से नियंत्रण किया था। इसी तरह बीकानेर में 9186 लीटर मैलाथियान का स्प्रे कर टिड्डी दल पर नियंत्रण किया गया।

कर रहे नियंत्रण

जिले में जहां से भी टिड्डियों के आने की सूचना मिल रही है, वहां नियंत्रण किया जा रहा है। किसानों को भी सुझाव दिए हैं, ताकि सतर्क रहें। हवा पश्चिमी से पूर्व की तरफ चलने लगी है। पाकिस्तान की तरफ से हवा के साथ ही ये टिड्डियां दो गुना तेज गति के साथ सीमावर्ती जिलों व गांवों की ओर बढ़ रही हैं।