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आखिर क्यों छत्तीसगढ़ के दर्जनों गांव के लोग सालों से मरने के खौफ के साथ जीने को हैं मजबूर

Karunakant Chaubey

Publish: Aug 08, 2019 20:13 PM | Updated: Aug 08, 2019 20:13 PM

Bijapur

Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ के दर्जनों गांव के लोग सालों से मरने के खौफ के साथ जी रहे हैं

जगदलपुर. Chhattisgarh News: 25 फरवरी 2019 को देऊरगांव में श्यामबती के आंगन में शिवरात्री की तैयारी चल रही थी तभी विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में एक बालक की मौत हो गई वहीं बचे चार लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। इस घटना को पांच माह से भी अधिक समय बीत चुका है लेकिन विस्फोट कैसे हुआ, विस्फोट में क्या था, विस्फोटक कौन सा था जैसे सवाल पुलिस आज तक सुलझा नहीं सकी है।

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हालांकि पुलिस जांच करने में बेबस हैं क्योकि उन्होंने विस्फोट के बाद मौके से निकाले इसके सैंपल को जांच के लिए फारेंसिक डिपार्टमेंट भेजा था, लेकिन छह माह से इसकी रिपोर्ट ही नहीं आई है। इस घटना के बाद से देऊरगांव से सटे दर्जनभर गांव के लोग दहशत में है, उनका कहना है कि इस विस्फोट की ऐसे में अब यहां के ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनके यहां विस्फोट हो सकता है उनके यहां भी हो सकता है।

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हर वक्त ऐसा महसूस होता है कि कहीं उनके यहां भी वह विस्फोटक मौजूद तो नहीं है। जो अचानक फट जाएगा और इसकी जद में उनके परिवार वाले आ जाएंगे। ऐसे में पुलिस का कहना है कि उनकी सारी जांच इस रिपोर्ट में टिकी है, जैसे ही रिपोर्ट उनके पास आएगा उसके बाद जांच की दिशा तय हो पाएगी। इस बी देऊरगांव से सटे दर्जनभर गांव के लोग आज भी दहशत में हैं। इधर छह माह के बाद शासन की पहल पर अब मृतक के परिजन को मुआवजा दिया गया है।

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